गालूडीह: मंगलवार को गालूडीह गांव में एक भी घर में चूल्हा नहीं जला. गांव के आदिवासी समाज के सभी ग्रामीणों ने वनभोज सह मिलन समारोह में भाग लिया. ग्रामीणों ने मांघ बोंगा पेड़ा नेवता पूजा कर वनभोज मनाया. नायके करण मुर्मू ने पूजा की. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सुख-शांति के लिए ग्रामीण इस दिन एक साथ नया साल मनाते हैं. उन्होंने बताया कि यह पूजा पूर्वजों के समय से करते आ रहे हैं. (नीचे भी पढ़े)

इस परंपरा को ग्रामीण आज भी निभा रहे हैं. मांघ बोंगा पेड़ा नेवता पूजा के दिन हर घर में दूरदराज से मेहमान पहुंचते है. इस दिन किसी के घर में चूल्हा नहीं जलता है. गांव के मैदान में खिचड़ी बनाकर मांघ बोंगा पेड़ा नेवता को खिचड़ी का प्रसाद चढ़ाते हैं. फिर समाज के लोग एक साथ बैठकर खिचड़ी खाते हैं. इसके बाद समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होती है. इस मौके पर इंद्रा मुर्मू,पालूराम मुर्मू,ठाकुरमनी मुर्मू,सुंदरी मुर्मू, सलमा मुर्मू आदि उपस्थित थे.




