रांची : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से 27 मार्च तक होने जा रहा है. इस सत्र के दौरान 3 मार्च को राज्य का बजट पेश किया जायेगा. इससे पहले बजट सत्र के सुचारु रुप से संचालित करने के लिए झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक शुक्रवार को बुलायी गयी. इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मौजूद रहे जबकि जदयू विधायक सरयू राय, कांग्रेस के विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान, राजद विधायक सुरेश पासवान समेत कई दलों के विधायक शामिल हुए. इस बैठक से भाजपा के विधायकों ने हिस्सा लिया. इस बैठक से भाजपा के विधायकों ने किनारा किया. बजट सत्र होने वाला है, लेकिन भाजपा अब तक तय नहीं कर पायी है कि विपक्ष का नेता कौन होगा. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं, विपक्ष का नेता तय नहीं होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने रांची से भाजपा विधायक सीपी सिंह को सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए बुलावा भेज दिया था. लेकिन वे या भाजपा के कोई भी विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए. इस बीच इस मुद्दे पर झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष का होना जरूरी होता है. सदन के अंदर नेता प्रतिपक्ष के नहीं होने से आसन को तकलीफ होती है. सदन के अंदर नेता सदन और प्रतिपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ये लोग गाड़ी के दोपहिया है, जो साथ चलेंगे तो लोकतंत्र के इस मंदिर में जनता की बातों को सुना जा सकेगा. (नीचे भी पढ़ें)
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक से निकलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बजट सत्र सुचारु रुप से चले, यह सरकार और विपक्ष की भी जिम्मेदारी है. जनमुद्दें पर बातें खुलकर होनी चाहिए. जनता के सवाल उठाये जाने चाहिए और सदन को बेहतर तरीके से सारे लोग चलायेंगे, ऐसी उम्मीद है. इस बीच भाजपा ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है.



