रांची: झारखंड सरकार की ओर से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के पेश बजट पेश करने के दूसरे दिन सत्ता व विपक्ष के बीच जमकर बयानबाजी होती रही. इस दौरान सदन की कार्यवाही में शामिल होने पहुंचे सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आपस में उलझते रहे. बजट भाषण में वित्त मंत्री ने राज्य के 80 फीसदी बच्चे सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई करने की बात कही थी. जिस पर भाजपा विधायक नीरा यादव ने आपत्ति जताते हुए कहा कि निजी विद्यालय में जो इतने बच्चे पढ़ रहे हैं वह कहां से हैं.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कोशिश की थी कि सरकारी विद्यालयों में 80फीसदी बच्चों का नामांकन हो, मगर अभी की स्थिति यह है कि ड्रॉपआउट लगातार बढ़ता जा रहा है. पूर्व मंत्री नीरा यादव ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में बेरोजगारों के लिए सरकार ने कुछ भी नहीं किया और आने वाले समय में भी कुछ नहीं करेंगे. क्योंकि जिस तरह से बजट में मैंने देखा है कि कोई प्रावधान नहीं किया गया है.वहीं भाजपा विधायक पूर्णिमा दास ने बजट को दूर का ढोल सुहावना होने की बात करते हुए कहा कि बजट मंईयां योजना पर फोकस किया गया है मगर हमारे भैया ने क्या बिगाड़ा है जिनके लिए बजट में कुछ भी नहीं रखा गया है. विधायक जयराम महतो ने सरकार के द्वारा युवाओं को उपेक्षित किए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि बजट से स्पष्ट है कि सरकार खर्च नहीं करेगी और कहीं ना कहीं यह वर्ष नियुक्ति का वर्ष नहीं होगा.विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए सत्ता पक्ष ने जमकर पलटवार किया है.(नीचे भी पढ़े)
विधायक अरुप चटर्जी ने धनबाद में मेडिकल कॉलेज और टेक्निकल यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बजट में मंईयां योजना के लिए किए गए प्रावधान से स्पष्ट हो गया है कि सरकार का फ्लैगशिप प्रोगाम के रूप में यह है और आगे भी चलता रहेगा. उन्होंने धनबाद में एयरपोर्ट की स्थापना की मांग करते हुए सरकार से इसे प्राथमिकता में रखने की मांग की है. बजट की सराहना करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि बजट राज्य की जनता के लिए है जनता का काम होगा. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि राज्य के सभी वर्गों के लिए यह अबुआ बजट लाया गया है. जिसके माध्यम से विकास का काम होगा. विधायक लुईस मरांडी ने बजट की सराहना करते हुए इसे हर वर्ग के हितों का बताया है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संथाल में जनजातियों की संख्या कम होने की बात इस आधार पर करना कि इस्लामिक स्टेट और बंगलादेशी घुसपैठ की वजह से हुआ है यह उचित नहीं है.



