जमशेदपुर : टाटा स्टील के माइंस में इंजीनियर की कांट्रैक्ट के आधार पर निकली टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेज (टीएसटीएस) का मामला गर्मा गया है. इस मामले में टाटा वर्कर्स यूनियन के खिलाफ आवाज उठने लगी है. यह बताया जा रहा है कि क्या टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेज में अब जेट की भी बहाली होगी. जेट के पहले ट्रेड अप्रेंटिस की भी बहाली इसके अधीन हो गया था. इस पर कमेटी मेंबर ओमप्रकाश शर्मा ने सवाल उठाते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री पर सवाल उठाया है. कमेटी मेंबर ने कहा है कि टाटा वर्कर्स यूनियन के पिछले सत्र में, कॉमन ग्रेड स्ट्रक्चर को लेकर एक समझौता हुआ, जिस पर यूनियन नेतृत्व ने बार-बार कहा है कि इसमें कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या तय कर दी गई है. कितनी तय की गई है, इसका ना ही कोई दस्तावेज और ना ही कोई प्रमाण पिछले और इस सत्र के, टॉप 3 के अलावे अन्य पदाधिकारी को और ना ही कमेटी मेंबरों को दिखाया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बारे में कुछ प्रश्न है जिनका उत्तर शायद ही हमारा वर्तमान यूनियन नेतृत्व दे पाने की स्थिति में हो, 2024 में हुए चुनाव के बाद पहली कमिटी मीटिंग में यूनियन के टॉप 3 द्वारा अपने बयान में कमेटी मेंबरों के सामने स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि अब तक जो भी ट्रेड अप्रेंटिस लिए जा चुके हैं, वह टाटा स्टील के पैरोल पर ही ज्वाइन करेंगे। लेकिन ठीक इसके विपरीत आज 2023 बैच ट्रेड अप्रेंटिस को टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेज में बहाल करने की कवायद शुरू कर दी गई है, क्यों कैसे? ओएमक्यू डिवीजन में निकले गए जेट की बहाली फिक्स टर्म कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर, टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेज में किए जाने की शुरुआत, कहीं इस बात का आग़ाज़ तो नहीं की अब नॉन ऑफिसर कैटेगरी में बचे हुए, ब्लॉक तीन और चार को भी समाप्त करने का काम चालू कर दिया गया है? अगर इसमें कोई सच्चाई नहीं तो टाटा स्टील में जेट की बहाली क्यों रुकी हुई है? ओमप्रकाश ने कहा है कि बहुत खेद की बात है की टाटा वर्कर्स यूनियन के पुराने अध्यक्ष समेत टाटा वर्कर्स यूनियन का टॉप 3 और कुछ जुगाड़ू पदाधिकारी, अपने वर्तमान कर्मचारी सदस्यों के अस्तित्व की रक्षा के लिए प्रयास न करते हुए, सिर्फ नई बन रही कंपनियों के यूनियन में अपना कब्जा कायम करने की कसरत में जी तोड़ लगे हुए हैं, क्यों? कमिटी मेंबरों का पिछले एक साल से ट्रेनिंग को गटककर, खाकर, पचाने वाली वर्तमान यूनियन नेतृत्व खुद प्रबंधन के द्वारा सिखाए जा रहे मैनेजमेंट स्किल्स सीखने जो चल दिए हैं, ये कार्यक्रम और इसका सिलसिला क्या हम सदस्यों के हितों का समूल नाश करके ही रुकेगा?




