जमशेदपुर : टाटा स्टील की शत प्रतिशत सब्सिडियरी वाली कंपनी टाटा स्टील प्रोसेसिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड एम्पलाइज यूनियन (टीएसपीडीएल यूनियन) की आमसभा (एजीएम) शनिवार को यूनियन के रजिस्टर्ड कार्यालय बिष्टुपुर में अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई. आमसभा का संचालन दिनेश कुमार ने किया और बैठक का विषय प्रवेश करवाया. अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के समय से रजिस्टर्ड झारखंड राज्य के 980 यूनियन का रजिस्ट्रेशन 2016 में खारिज कर दिया गया था इसलिए यूनियन का नए सिरे से निबंधन करवाना अति आवश्यक था. अथक प्रयास के बाद 24 मार्च 2025 को टाटा स्टील प्रोसेसिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड एम्पलाइज यूनियन का निबंधन संपन्न हुआ. इसी बीच में कंपनी का नाम टाटा स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड के रूप में परिवर्तित हो गया. अब यूनियन के नाम को पुनः बदलना आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें)

साथ ही यूनियन के संविधान में संशोधन की भी आवश्यकता है. दिनेश कुमार ने इन दोनों विषयों पर कर्मचारियों से आग्रह किया कि हम सभी कर्मचारी अपने अध्यक्ष को अधिकृत करे कि वो इन दोनों विषयों पर आगे बढ़े. हम सभी लोग उनके साथ है. सभी कर्मचारियों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति प्रदान की. अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने बताया कि संविधान संशोधन के लिए एक उपसमिति का निर्माण किया गया है, जिसमें अमन सिंह, दिनेश कुमार, त्रिदेव सिंह, सच्चिदानंद और रमेश चौधरी सम्मिलित रहेंगे और पूरे ड्राफ्ट का तैयार करेंगे और यूनियन के सभी सदस्यों के बीच रखेंगे. (नीचे भी पढ़ें)

अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने बताया कि कंपनी के अन्य यूनिट के सदस्यों का भी यूनियन में समायोजन होना है इसलिए यूनियन में पद सृजित करना और संशोधन करने की दिशा में पहल की जा रही है. राकेश्वर पांडेय ने बताया कि 19 माह से ग्रेड लंबित है जिसको लेकर यूनियन की दो बैठके प्रबंधन के साथ हो चुकी है. 21 अप्रैल के बाद लगातार बैठकों का दौर आरम्भ होगा और ग्रेड के लंबित विषयों पर जल्दी जल्दी चर्चा कर आगे बढ़ा जाएगा. उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के स्किल टेस्ट साथ ही नए स्थाई हुए 84 कर्मचारियों की समस्याओं पर भी प्रबंधन से बात कर उनका समाधान निकालने की बात कही. बैठक में महासचिव अमन सिंह ने प्रबंधन को सौंपे गए चार्टर ऑफ डिमांड की प्रमुख बिंदुओं को कर्मचारियों के समक्ष रखा. बैठक में मुख्य रूप से अमन सिंह, संजीव कुमार सिंह, दिनेश कुमार, त्रिदेव सिंह, सच्चिदानंद, एसबी राणा, रमेश चौधरी, अनीश झा, आर रवि, बीडी सिंह, मनोज कुमार सिंह, प्रमोद उपाध्याय, रंजन मिश्रा, राकेश कुमार, हरिशंकर प्रसाद के साथ 250 से अधिक कर्मचारी उपस्थित थे.




