रांची: झामुमो के 13वें महाधिवेशन में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा फेरबदल किया गया है. दशकों से झामुमो के अध्यक्ष रहे शिबू सोरेन उर्फ गुरुजी को पार्टी ने संस्थापक संरक्षक के पद पर बैठाया गया है. 38 साल के बाद झामुमो ने पार्टी की कमान दूसरे को सौंपी है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं. (नीचे भी पढ़े)

मालूम हो कि स्वास्थ्य कारणों से गुरुजी की एक्टिविटी बहुत सीमित हो गयी थी. इस स्थिति में पहले भी कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ही झामुमो के संगठनात्मक मामलों में निर्णय ले रहे थे. अब हेमंत सोरेन पार्टी संविधान के अनुसार आधिकारिक रूप से निर्णय ले सकेंगे. पार्टी महाधिवेशन में गुरुजी ने हेमंत सोरेन को झामुमो का अध्यक्ष बनाने की घोषणा की. साथ ही उन्होंने हेमंत सोरेन को जोश और जज्बे के साथ काम करने के लिए आशीर्वाद दिया.(नीचे भी पढ़े)

अब हेमंत सोरेन के पार्टी का केंद्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि कार्यकारी अध्यक्ष पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की जाएगी.शिबू सोरेन ‘गुरुजी’ को झामुमो का संस्थापक संरक्षक बनाया गया है. रांची में मोर्चा के महाधिवेशन के दूसरे दिन इसकी घोषणा की गयी. झामुमो नेता नलिन सोरेन ने गुरुजी के नाम की घोषणा की. साथ ही स्टीफन मरांडी ने प्रस्ताव दिया था. वहीं, गुरुजी ने झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष के तौर पर हेमंत सोरेन के नाम की घोषणा की है.



