रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट ( मंत्रिपरिषद) की बैठक हुई. बैठक में कुल 10 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके तहत यह तय किया गया कि झारखंड में ही जल्द जल संसाधन आयोग का गठन होगा, जिससे जल से संबंधित समस्याओं का निराकरण होगा. इसके अलावा स्कूली बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. स्कूलों में मुफ्त किताबें के वितरण को भी मंजूरी दी गई.(नीचे भी पढ़े)
मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
- राज्य अन्तर्गत संचालित गैर सरकारी सहायता प्राप्त वित्त सहित अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालय, मदरसा, संस्कृत विद्यालयों में वर्ग-9 से वर्ग-10 तक की कक्षाओं में नामांकित एवं अध्ययनरत् सभी कोटि के छात्र व छात्राओं को पाठ्य-पुस्तक एवं कॉपी के निःशुल्क वितरण की स्वीकृति दी गई.
- राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 हेतु साइंस मैगज़ीन तथा कक्षा-11 से 12 हेतु कम्पटीटिव मैगज़ीन के मुद्रण एवं वितरण की स्वीकृति दी गई.
- झारखण्ड राज्य के समेकित विकास हेतु राज्य में स्थित रिभर बेसिनों में जल की अद्यतन उपलब्धता, विकास, इसके बहुआयामी उपयोग तथा कुशल प्रबंधन हेतु प्रथम झारखण्ड राज्य जल संसाधन आयोग के गठन प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई.
- राजीव रंजन चौबे, निम्न वर्गीय लिपिक, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी कार्यालय, बुण्डू, रांची एवं अफजल हसनैन हक्की, निम्नवर्गीय लिपिक, जिला आपूर्ति पदाधिकारी कार्यालय, रांची की सेवा क्षेत्रीय संवर्ग से झारखण्ड सचिवालय लिपिकीय सेवा संवर्ग में परिवर्तित्त करते हुए निम्न वर्गीय लिपिक सम्प्रति कनीय सचिवालय सहायक के पद के विरूद्ध समायोजन करने की स्वीकृति दी गई.
- झारखंड मैनपावर प्रोक्योरमेंट (आउटसोर्सिंग) मैन्युअल, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई.
- झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्तें) नियमावली, 2001 के नियम 4(a) में उल्लिखित प्रावधान तथा झारखण्ड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में, झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर विकेश को सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई.
7.राज्य योजना अन्तर्गत चतरा जिला में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ईटखोरी के भवन निर्माण की योजना में गबन की गई राशि का उपायुक्त, चतरा द्वारा वसूली कर राजकोष में जमा करने की प्रत्याशा में गबन की राशि के समतुल्य राशि 22,07, 722 रूपये पुनः आवंटित करने की स्वीकृति दी गई.
- भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के झारखण्ड में एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली पर प्रतिवेदन (झारखण्ड सरकार, वर्ष 2025 का प्रतिवेदन संख्या -1) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई.
- झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद संख्या-डब्लूपीएस 3329/2022, राम विलास सिंह बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य के क्रम में राम विलास सिंह, सेवानिवृत्त पदचर की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट किये जाने एवं देय ऐसीपी व एमएसीपी का लाभ प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई.
- भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वर्ष की राज्य वित्त लेखापरीक्षा प्रतिवेदन को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई.











