रांची : झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-220 (एनएच-220) के रसुनचोपा से तिरिंग सीमा (4 किलोमीटर) तक के खंड के पुनर्निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका संख्या डब्ल्यूपीए 5110/2024 (आकाश शर्मा बनाम भारत सरकार व अन्य) पर अंतिम सुनवाई हुई. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ), चाईबासा डिवीजन की ओर से एक स्थिति रिपोर्ट (स्टेटर्स रिपोर्ट) प्रस्तुत की गई, जिसमें यह सूचित किया गया कि सड़क पुनर्निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और निर्धारित तिथि के भीतर कार्य संपन्न कर लिया गया है. याचिकाकर्ता अधिवक्ता आकाश शर्मा स्वयं न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए और उन्होंने एनएचएआइ द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कोई अतिरिक्त प्रतिवाद प्रस्तुत नहीं किया. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने आग्रह किया कि चूंकि कार्य पूर्ण कर दिया गया है और स्थिति रिपोर्ट रिकॉर्ड पर है, अतः इस आधार पर याचिका का निपटारा किया जा सकता है. उच्च न्यायालय ने राज्य द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए और याचिकाकर्ता की सहमति प्राप्त होने के पश्चात, जनहित याचिका को निस्तारित (डिस्पोज्ड ऑफ) कर दिया. ज्ञात हो कि यह याचिका क्षेत्र की बदहाल सड़कों की स्थिति और उससे आम जनता को हो रही कठिनाइयों व दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर वर्ष 2024 में दायर की गई थी. याचिका के माध्यम से यह प्रार्थना की गई थी कि एनएच -220 के उक्त खंड का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए. इस जनहित याचिका के कारण प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्य प्रारंभ किया और अब उसे पूर्ण भी कर लिया गया है. श्री शर्मा ने राज्य प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया और न्यायालय के प्रति आभार जताया कि समयबद्ध हस्तक्षेप से आम जनता को राहत मिली है.



