रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम भाजपा जिला कमेटी के मिडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा ने कहा है कि 1975 का आपातकाल ही नहीं, कांग्रेस का पूरा इतिहास ही अघोषित आपातकालों और दमन का प्रतीक रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज जिस “अघोषित आपातकाल” की बात कर रही है और भाजपा पर आरोप लगा रही है, उसे पहले अपने इतिहास के उन काले अध्यायों का जवाब देना चाहिए, जहां लोकतंत्र को कुचलना ही उसकी पहचान बन चुकी थी. कांग्रेस का इतिहास रक्तरंजित है. कांग्रेस का खूनी पंजा कई नरसंहारों, गोलीकांडों और संविधान हनन के खून से सना है. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने 1975 में लोकतंत्र का गला घोंटा, उसी कांग्रेस ने वर्षों तक अघोषित आपातकाल थोपकर इस देश की आत्मा को कुचलने का काम किया. कांग्रेस ने देश के कई राज्यों की चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन थोपा और जनता की आवाज़ दबाने के लिए प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय बलों का दुरुपयोग किया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान सत्ता में बने रहने के लिए सरकारी मशीनरी को हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया. आदिवासी समाज पर विकास के नाम पर ज़ुल्म ढाया गया. उनकी जमीनें जबरन छीनी गईं और उन्हें मुआवज़ा तक नहीं दिया गया. सहमति लेने की बात तो दूर, विरोध करने पर गोलियां खानी पड़ीं. झारखंड जैसे क्षेत्र में खरसुआं और गुवा जैसे गोली कांड कांग्रेस के दमनकारी चेहरे को उजागर करते हैं, जिनमें निर्दोष आदिवासियों को सिर्फ इसलिए गोलियों से भून दिया गया क्योंकि उन्होंने अपने हक की मांग की थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति को चरम पर पहुंचाकर समाज को बांटने का पाप किया. संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को बार-बार रौंदा गया. संसद को मनमानी का केंद्र बना दिया गया और न्यायपालिका को डराने की कोशिश की गई. कोटा-परमिट राज लागू कर देश की अर्थव्यवस्था को जकड़ दिया गया. उद्योगपतियों, व्यापारियों और किसानों को कांग्रेस के रहमोकरम पर जीने के लिए मजबूर कर दिया गया. आज जब कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और अधिकारों की बात करती है, तो उसे अपने काले अतीत में झांककर देखना चाहिए कि किस तरह उसने बार-बार लोकतंत्र को अपमानित किया है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान को सर्वोच्च मानकर चल रहा है. लोकतंत्र मजबूत हुआ है, संस्थाएं स्वतंत्र हैं और जनता की आवाज को सम्मान दिया जा रहा है. कांग्रेस को आपातकाल के 50 वर्ष बाद दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने उन पापों का हिसाब देना चाहिए जो उसने घोषित और अघोषित दोनों आपातकालों के ज़रिये देश पर किए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अघोषित आपातकाल का इतिहास इस देश को याद है, और भारत कभी इस खूनी अतीत को नहीं भूलेगा.



