जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ प्रखंड अंतर्गत पलासबनी गांव में हुल दिवस के अवसर पर भव्य आयोजन हुआ. इस दौरान पलासबनी के सिरीघुट्टू टोला स्थित फुलो झानो चौक पर हूल दिवस के अवसर पर एक भव्य आयोजन किया गया. इस मौके पर काफ़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें सुशीला टुडू, सिमोती बेसरा, सुनीता टुडू, सालगे मार्डी, जानकी मुर्मू, होपना टुडू, साम टुडू, सुमित्रा टुडू, लखी टुडू, मैय्या सोरेन, मोहिनी सोरेन, फुलो मुर्मू, अंजू सिंह, बाबूराम मुर्मू, देवान मुर्मू, दुर्गा चरण मुर्मू, लक्ष्मण टुडू, मंगल सोरेन, सालखु बेसरा, शिवानी मार्डी, राजू मुर्मू आदि प्रमुख थे। सभी ने फूलो झानो, सिदो कान्हो, चांद भैरव की शहादत को याद किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया. (नीचे भी पढ़ें)
सिरीघुट्टू की शिवानी मार्डी ने अपने संबोधन में कहा कि फूलो झानो की शहादत को कभी नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी 45 को फूलो झानो से प्रेरणा लेनी चाहिए, खासकर महिलाओं को घर से निकलकर पुरुषों के कंधों में कंधे मिलाकर चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति के अनुसार आदिवासियों को हर क्षेत्र में आगे आना होगा, चाहे वह शिक्षा हो, संस्कृति हो या आदिवासियों की पारंपरिक व्यवस्था हो. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी एकता का संदेश देते हुए सभी से एकजुट होकर आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा करने का आह्वान किया गया. सभी उपस्थित लोगों ने आदिवासी समुदाय के विकास और उत्थान के लिए काम करने का संकल्प लिया और फुलो झानो, सिद्धू-कान्हू की शहादत को याद किया.



