सरायकेला: एक पुरानी कहावत है- नाटक चाहे जैसा भी हो, मगर मेकअप में कमी नहीं होनी चाहिए. यह कहावत वर्तमान समय में सरायकेला नगर पंचायत पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है. जहां जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, वहीं नगर पंचायत के प्रशासक ने ऊपरी तामझाम और दिखावे के लिए करीब एक करोड़ रुपये की सामग्री की खरीदारी कर ली. कुछ दिन पूर्व लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी थी. इसके बावजूद प्रशासक ने कोई सबक नहीं लिया. रविवार और सोमवार को हुई भारी बारिश ने नगर क्षेत्र को पूरी तरह जलमग्न कर दिया. पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और घरों में जमा हो गया. हाटसाई मोहल्ले में हालात सबसे खराब हैं. (नीचे भी पढ़े)

कई घरों में पानी बेडरूम और किचन तक पहुंच गया है. बर्तन पानी में तैर रहे हैं. कई परिवारों के यहां पिछले 24 घंटे से चूल्हा भी नहीं जल सका.पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि जिला मुख्यालय का यह नगर पंचायत सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहा है. चुनाव नहीं होने से प्रशासक जनता की परेशानी पर ध्यान नहीं देते. वे सिर्फ कार्यालय आकर वसूली करते हैं और चले जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि रथमेला के दौरान “आई लव सरायकेला” के बोर्ड और अन्य उपकरण खरीदने के साथ- साथ करीब एक करोड़ की संपत्ति खरीदी गई, लेकिन जनता की सुविधा के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ. प्रशासक केवल होल्डिंग टैक्स वसूलते हैं और जनता को सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिलता. हाटसाई निवासी एसके बनर्जी ने कहा कि पहले नगर पंचायत की व्यवस्था ऐसी नहीं थी. अब सिर्फ नाम का नगर पंचायत रह गया है. सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता, बस टैक्स वसूली की जाती है.



