हजारीबाग:हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के बादम कोल ब्लॉक में एनटीपीसी के मुआवजा शिविर में मंगलवार को हुए हंगामे के बाद पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया,जिसके विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों ने सुबह से जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया है.इसके साथ ही ग्रामीण बड़कागांव थाने का घेराव करने पहुंचे. बाद में ग्रामीणों ने मुख्य चौक ही जाम कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि एनटीपीसी बदाम कोल ब्लॉक कंपनी के इशारे पर पुलिस उन पर जुल्म कर रही है. इस मामले मे बेकूसर लोगों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा कर गिरफ्तार कर रही है. जिसका हम लोग विरोध कर रहे है.(नीचे भी पढ़े)
ग्रामीणों का कहना है कि हमारा क्षेत्र हरियाली से भरपुर है, यहां की मिट्टी काफी ही उपजाऊ है. हम लोगो अपनी जमीन पर तीन-चार फसल की खेती करते है. यह हम लोगों की जीविकोपार्जन का प्रमुख साधन है. इसके अलावा इस क्षेत्र में आम, महुआ, जामुन समेत कई फलदार पौधे व औषधि युक्त पौधे से हमे लाभ मिलता है. इसलिए हम लोग इस क्षेत्र में कोयला खदान बनने नहीं देंगे. इसी दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच हल्की झड़प हो गयी थी, जिसमें एनटीपीसी और अंचल कार्यालय के अधिकारी घायल हो गए थे. इस घटना में कुछ पुलिस कर्मियों को हल्की चोटें आयी थी. जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लोगों की गिरफ्तारी शुरु कर दी. इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढता गया. जिसके फलस्वरुप गुरुवार को बड़कागांव थाने का घेराव किया और जेल भरो आंदोलन की शुरुआत कर दी.(नीचे भी पढ़े)
जानें क्या है मामला
एनटीपीसी की जनसुनवाई मंगलवार को होनी थी. बदाम कोल परियोजना को विकसित करने की योजना के तहत जनसुनवाई होने वाली थी. इस संबंध में हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के पत्रांक 1834, दिनांक 7 अगस्त 2025 के अनुसार, बड़कागांव अंचल के महुगाई कला गांव के अंबाजीत इलाके में अधिग्रहीत भूमि को लेकर मुआवजा वितरण शिविर का आयोजन 12 अगस्त को बड़कागांव अंचल कार्यालय में निर्धारित किया गया था. मुआवजा शिविर की सूचना मिलते ही बड़कागांव पूर्वी क्षेत्र के हजारों भू-रैयत, जो जल, जंगल और जमीन बचाने की मांग कर रहे हैं, अंचल कार्यालय पहुंच गये. भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत शिविर स्थल बदलकर महुगाई कला पंचायत भवन में आयोजन की तैयारी शुरू कर दी. इस कदम से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. ग्रामीणों कहना था कि कोल कंपनी मनमाने तरीके से जनता को बिना पूर्व सूचना दिए शिविर का स्थान बदल रही है, जो संविधान के खिलाफ है. इसके बाद ग्रामीणों ने एनटीपीसी के अधिकारियोंव अंचल कार्यालय के कर्मियों को बंधक बनाया. इसके बाद कुछ हल्की झड़प भी हुई, जिसमें एनटीपीसी व अंचल कर्मी समेत पुलिस कर्मी घायल हो गए थे.



