रामगोपाल जेना, चक्रधरपुर: पश्चिम सिंहभूम जिले के केरा पंचायत भवन में बुधवार को केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा मेरा रेशम मेरा अभियान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ वैज्ञानिक केंद्रीय रेशम बोर्ड डॉक्टर दिव्या राजावत, अग्र परियोजना पदाधिकारी प्रदीप महतो, सेवानिवृत्त परिवेक्षक आरसी यादव, कार्यक्रम संयोजक मनोज सिंह द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया. कार्यक्रम में आए लोगों को तसर वैज्ञानिकों द्वारा केंद्रीय रेशम बोर्ड एवं राज्य सरकार की नई तकनीकी की जानकारी दी गई. डॉक्टर दिव्या राजावत ने योजना के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार तथा आसपास के एनजीओ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. यह पूरे देशभर में कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं. (नीचे भी पढ़े)

तसर प्रशिक्षण से किसानों को नई तकनीकी की जानकारी दी जा रही हैं. केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मिलकर इस पर काम किया जा रहा हैं. ताकि उन तकनीकी को क्षेत्र के किसानों के पास कैसे पहुंचाया जा सके. जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय कपड़ा मंत्री का कहना हैं कि सिल्क प्रोडक्शन में नम्बर वन बनना हैं. इसके लिए अच्छा क्वालिटी का धागा बनाने के साथ अच्छा क्वालिटी का कपड़ा बनना होगा. जिसे बाहर भेजकर पैसा सरकार के पास आ सके. वहीं अग्र परियोजना पदाधिकारी दिलीप महतो ने किसानों को कोकुन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी. कहा कि यह भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा हैं. ताकि रेशम कारोबार से लोगों को जोड़कर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जा सके. इस मौके पर कामाख्या प्रधान, ज्योति कुमारी, डॉक्टर एसपी सिंह समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.











