रांची: टेंडर घोटाला मामले में आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की ओर से पीएमएलए कोर्ट से उनके डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज होने व अदालत द्वारा उन पर आरोप गठित करने को चुनौती देने वाली याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने फैसला सुनाया. कोर्ट ने आलमगीर को राहत नहीं देते हुए उनका याचिका को खारिज कर दी है. पूर्व में मामले में सभी पक्षों को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. ईडी की ओर से अधिवक्ता जोहेब हुसैन, एके दास व सौरव कुमार ने पक्ष रखा था. टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, संजीव लाल और नौकर जहांगीर आलम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया. (नीचे भी पढ़े)
पूर्व में ईडी ने 6 मई 2024 को कई अभियंता ठेकेदार, कान्ट्रैक्टर व आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल व नौकर जहांगीर आलम के ठिकानो पर छापेमारी की थी. इस दौरान संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से करीब 32.2 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे. वहीं संजीव लाल के आवास से 10.5 लाख केस बरामद किए गए थे. साथ ही उनके सचिवालय स्थित कार्यालय से 2.3 लाख रुपये बरामद हुए थे. विदित हो कि 6 मई को रांची में ईडी ने संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के अरगोड़ा थाना अंतर्गत हरमू स्थित सर सैयद रेजीडेंसी, पीपी कंपाउंड स्थित मुन्ना सिंह, सेल सिटी में पथ निर्माण विभाग के अभियंता विकास कुमार के ठिकाने के अलावा बरियातु, मोरहाबादी व बोड़िया इलाके में तलाशी ली थी.







