हेग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे पर हैं. उन्होंने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई. पीएम मोदी ने कहा कि आज मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. ये दशक आपदाओं का दशक बन गया है. दुनिया पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है. अगर हालात नहीं बदले तो बीते कई दशकों के काम पर पानी फिर जाएगा और दुनिया की बहुत बड़ी आबादी गरीबी के दलदल में फंस जाएगी.नीदरलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए डच कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत पेश किया. कलाकारों ने राग दुर्गा पर आधारित “साधो रामा अनुपम बानी”की प्रस्तुति दी.(नीचे भी पढ़े)

स्वागत समारोह के दौरान गायन के साथ तानपुरा, बांसुरी, वायलिन और तबला जैसे वाद्य यंत्र बजाए गए.कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला. पूरे हॉल में तालियों और नारों की गूंज सुनाई दी.मोदी ने नीदरलैंड के हेग शहर में भारतीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत बड़े सपने देख रहा है. उन्होंने कहा कि देश के युवा अब एआई और सेमीकंडक्टर यानी कंप्यूटर चिप बनाने जैसे क्षेत्रों में भारत को आगे ले जाना चाहते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेजी से बदल रहा है और तकनीक व डिजिटल क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है. उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है. देश के नए स्टार्टअप एआई, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में अच्छा काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हाल ही में बड़ा एआई सम्मेलन आयोजित किया था. इससे पहले जी-20 सम्मेलन की मेजबानी भी सफलतापूर्वक की गई थी.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और नीदरलैंड के रिश्तों की तुलना कमल और ट्यूलिप फूल से की. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि जैसे नीदरलैंड पूरी दुनिया में ट्यूलिप फूलों के लिए मशहूर है, वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कमल और ट्यूलिप दोनों हमें एक खास सीख देते हैं. चाहे जड़ें पानी में हों या मिट्टी में, असली ताकत और खूबसूरती अपनी जड़ों से ही मिलती है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और नीदरलैंड के संबंध भी इसी तरह मजबूत हैं और दोनों देश मिलकर आगे बढ़ रहे हैं.नीदरलैंड ट्यूलिप की धरती है. यहां के खूबसूरत फूल को देखने के लिए दुनिया से लोग आते हैं.भारत में भी दुनिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन जम्मू कश्मीर में है. जिस तरह नीदरलैंड को ट्यूलिप के लिए जाना जाता है वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है.ट्यूलिप और कमल दोनों फूल हमें बताते हैं कि जड़े जाहे पानी में हो या धरती पर अगर सही पोषण मिले तो सुंदरता भी मिलती है और मजबूती भी आ जाती है. यही भारत और नीदरलैंड के बीच पाटर्नरशिप का भी आधार है.







