जमशेदपुर: जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. अस्पताल में तैनात करीब 90 होमगार्ड जवानों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. नाराज जवानों ने जल्द भुगतान नहीं होने पर आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.सोमवार को होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने जवानों को बताया कि फंड के अभाव में फिलहाल वेतन भुगतान संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा से बातचीत हुई है, जिनके अनुसार अगस्त माह से पहले वेतन मिलने की संभावना नहीं है.(नीचे भी पढ़े)

यह जानकारी मिलते ही महिला होमगार्ड जवानों में नाराजगी फैल गई. बी शिफ्ट की ड्यूटी समाप्त होने के बाद कई महिला जवानों ने प्रभारी का घेराव कर विरोध जताया. रीना मुंडा, दीपाली महतो, सोनी मार्डी, गुमी माझी, बागी मुर्मू, सरस्वती मांडी और कलावती महतो समेत अन्य जवानों ने बताया कि वे दूर-दराज के गांवों से ड्यूटी करने आती हैं, जहां आने-जाने में प्रतिदिन लगभग 200 रुपये खर्च हो जाते हैं. तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके लिए परिवार चलाना मुश्किल हो गया है.जवानों का कहना है कि अब तक उन्होंने कर्ज लेकर किसी तरह घर का खर्च चलाया, लेकिन अगले दो माह तक बिना वेतन गुजारा करना संभव नहीं है. उनका आरोप है कि अस्पताल की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उनके वेतन के लिए समय पर राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है.(नीचे भी पढ़े)
होमगार्ड जवान पंकज कुमार झा ने कहा कि अब जवानों के लिए और इंतजार करना संभव नहीं है. यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि कई जवान पूरी तरह इसी नौकरी पर निर्भर हैं और वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है. यहां तक कि स्थानीय दुकानदारों ने भी उधार में राशन देना बंद कर दिया है.
वेतन भुगतान को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच यदि होमगार्ड जवान हड़ताल पर जाते हैं तो एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है, जिससे अस्पताल प्रबंधन की चिंताएं भी बढ़ गई हैं.







