जमशेदपुर : सिंहभूम जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन के मानस सभागार में रविवार को डॉ अनुराग लिखित पुस्तक ‘द ह्यूमन वार्ड’ का समारोह पूर्वक विमोचन हुआ. घाटशिला की संस्था अभियान फॉर ए बेटर टुमॉरो के तत्वावधान में आयोजित विमोचन समारोह की अध्यक्षता राज्य के प्रथम स्वास्थ्य मंत्री डॉ दिनेश षाड़ंगी ने की, जबकि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय समारोह के मुख्य अतिथि थे. उनके अलावा विशिष्ट अतिथियों के रूप में सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रभाकर सिंह, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके पाणी, अरका जैन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एसएस रजी एवं घाटशिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ आरके चौधरी उपस्थित रहे, जबकि एबीएम कॉलेज, जमशेदपुर के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार मुख्य वक्ता थे. (नीचे भी पढ़ें)
मुख्य अतिथि सरयू राय ने डॉ अनुराग लिखित पुस्तक द ह्यूमन वार्ड के बारे में बोलते हुए कहा कि डॉ अनुराग ने चिकित्सा सेवा में अपनी सुदीर्घ अनुभवों को उकेरा है. उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा आज दुर्भाग्य से बाजार की गिरफ्त में आ गई है. अस्पतालों में चिकित्सा के साथ और चिकित्सा के उपरांत भी अन्य अनेक कार्य होते हैं, जिनका मरीजों के स्वास्थ्य लाभ पर बहुत असर होता है. उन्होंने कहा कि डॉ अनुराग ने अपने सेवा काल में जो जैसा देखा, जैसा अनुभव किया, उसे उसी रूप में प्रस्तुत किया है. पुस्तक में लेखक ने चिकित्सा सेवा की सारी गतिविधियों को मानवीय पहलुओं को केंद्र में रख कर देखा है, जिससे इस पुस्तक का महत्व बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सक के अलावा भी बहुत सारे कर्मचारी होते हैं जो मरीजों की देखभाल एवं उनकी स्वास्थ्य रक्षा के विविध पहलुओं का ध्यान रखते हैं. उनका मरीजों के साथ कैसा व्यवहार है यह बहुत मायने रखता है और यहीं वह मानवीय पहलू जरूरी हो जाती है, जो डॉ अनुराग के पुस्तक में उभर कर सामने आती है. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बाजार में आने के बाद चिकित्सा सेवा ही नहीं, मरीजों की मानसिकता को भी एक नया आयाम देनेवाली साबित होगी. (नीचे भी पढ़ें)
मुख्य वक्ता, डॉ नरेश कुमार ने डॉ अनुराग एवं उनकी पुस्तक की रचना के उद्देश्यों की चर्चा की. उन्होंने बताया कि किन परिस्थितियों में और किन अनुभवों से होकर गुजरते हुए डॉ अनुराग को यह पुस्तक लिखने पर मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि डॉ अनुराग ने यह पुस्तक लिखी नहीं, बल्कि इसमें प्रस्तुत उनके प्रत्यक्षानुभवों ने उनसे खुद को लिखवा लिया है. उन्होंने पुस्तक, द ह्यूमन वार्ड, के महत्व को भी रेखांकित किया. विमोचन समारोह को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया. समारोह में घाटशिला के अलावा जमशेदपुर के अनेक गणमान्य विद्वान भी उपस्थित रहे.




