जमशेदपुर : सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ पब्लिक स्कूल में ‘एलएलएम’ का उपयोग करके बहुभाषी दुनिया का अनुवाद ग्लोबल साउथ में स्कूली शिक्षा में एआई अनुवाद की नैतिकता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में पोस्टडॉक्टरल फेलो और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय की प्रोजेक्ट कोलैबोरेटर डॉ दीपशिखा बेहरा उपस्थित हुई. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यशाला की मुख्य बिंदुओं में एआई मॉडल ज्यादातर अंग्रेजी पर आधारित है जबकि भारत जैसे ग्लोबल साउथ के देश हजारों क्षेत्रीय भाषाएं बोलते हैं बच्चों को अपनी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती है पर चर्चा की गयी. वहीं नैतिक मुद्दों में छात्रों की डेटा की गोपनीयता, गलत अनुवाद से अर्थ का अनर्थ, लोकल संस्कृति का नुकसान और क्षेत्रीय भाषाओं का विलुप्त होना पर जोर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

शिक्षकों को एलएलएम को विकल्प नहीं सहायक के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए. एआई से हिंदी संथाली मुंडारी जैसी भाषाओं में सीखने सीखने को बढ़ावा मिलेगा. डॉ दीप शिखा बेहरा ने कहा कि एआई अनुवाद शिक्षा को लोकतांत्रिक बना सकता है लेकिन तभी जब हम इसे नैतिक तरीके से उन भाषाओं के लिए डिजाइन करें जो बच्चे घर पर बोलते हैं न कि सिर्फ किताबों की भाषा हो. इस कार्यशाला में श्रीनाथ पब्लिक स्कूल के छात्रों के साथ- साथ श्रीनाथ एजुकेशनल ट्रस्ट के विद्यार्थी भी भाग लिए. स्कूल के प्रधानाचार्य ने डॉ बेहरा को स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया.







