जमशेदपुर: सातवीं मुहर्रम के मौके पर मंगलवार को साकची स्थित हुसैनी मिशन में मजलिस का आयोजन किया गया. मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना जकी हैदर ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों का जिक्र किया और इमाम हुसैन (अ.स.) के भतीजे हज़रत कासिम (अ.स.) की शहादत को याद किया. मौलाना ने अपने बयान में बताया कि हज़रत कासिम (अ.स.) ने कम उम्र में ही कर्बला के मैदान में बहादुरी और वफादारी की मिसाल पेश की. उन्होंने कहा कि शहादत के बाद उनकी पाक लाश को दुश्मनों द्वारा घोड़ों से रौंद दिया गया था, जो कर्बला की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है. (नीचे भी पढ़ें)
मजलिस के समापन के बाद अलम बरामद किया गया. इसके पश्चात अलम का मातमी जुलूस निकाला गया, जो हुसैनी मिशन से शुरू होकर साकची गोलचक्कर तक पहुंचा. जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने नौहाखानी और सीनाजनी कर शहीद-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया. बाद में जुलूस पुनः हुसैनी मिशन पहुंचकर संपन्न हुआ. आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया. वहीं, नौवीं मुहर्रम को भी हुसैनी मिशन के इमामबाड़े से अलम का जुलूस निकाला जाएगा.







