अयोध्या: आज यहां राम मंदिर ट्रस्ट की हुई बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए. बैठक में राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूदी दे दी गई है. बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान चंपत राय और अनिल मिश्रा मौजूद नहीं थे. कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि समेत राम मंदिर ट्रस्ट के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे. राम मंदिर ट्रस्ट ने बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें सारी चीजों को साफ किया गया और बताया गया कि बैठक के दौरान कौन-कौन से फैसले लिए गए हैं. (नीचे भी पढ़ें)
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद राम मंदिर बना. इसके लिए लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया. राम मंदिर चंदा चोरी का हम लोगों को बहुत बड़ा दुख है. यह बहुत लज्जा की बात है. चंपत राय और अनिल मिश्रा जी ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने के बाद वह स्वीकृत माना जाता है, इसलिए वह स्वीकार माना जाता है. हम लोगों को उसको मान ही लेना चाहिए. ऐसी स्थिति में हमने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. (नीचे भी पढ़ें)
उनके सारे कार्य का सम्मान करते हुए हम लोगों ने उसको स्वीकार कर लिया है. अगली व्यवस्थाओं के लिए हम सभी तैयार हैं. महासचिव कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वह अपने साथियों को चुन कर आगे का काम करेंगे. प्रसार माध्यमों में जो कुछ बड़ा-बड़ा हव्वा कहा जा रहा है, वो कितना सत्य है, उसकी जांच करनी चाहिए. इस बात से समाज को सावधान रहना चाहिए. रामायण पुस्तक, कागभुसुंडि कहां है, ये सबकी जानकारी दी. इसके लिए हम एक रजिस्टर आपके सामने रखेंगे. उन्होंने कहा कि सब सुरक्षित हैं, इनकी कोई चोरी नहीं हुई है. राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित की जाएगी.







