जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस समझौता का समय आ गया है. इस साल दुर्गा पूजा अक्तूबर माह में होने वाला है. लेकिन इसके बावजूद अगस्त के अंतिम सप्ताह तक समझौता कर लेने की तैयारी की गयी है. इसको लेकर वार्ता अगस्त माह से शुरू होगा. इसको लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है. अब इसको लेकर मैनेमजेंट की ओर से लिखित तौर पर वार्ता के लिए भेजा जायेगा. इसको लेकर वार्ता अगस्त माह में शुरू हो जायेगा. बताया जाता है कि अगस्त माह में हर हाल में बोनस समझौता करने की तैयारी की गयी है. पिछले साल 28 अगस्त 2025 को बोनस का समझौता हुआ था. लिहाजा, उसी दिन के आसपास बोनस समझौता कर लेने की तैयारी की गयी है. 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा का दिन होता है. इससे पहले बोनस समझौता किया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
चूंकि, लोगों में कुछ हद तक वेज रिवीजन को लेकर नाराजगी है. इस कारण इस बार के बोनस को बेहतर कर वेज रिवीजन की नाराजगी को दूर करने का भी प्रयास किया जायेगा. पिछले साल कर्मचारियों के बोनस समझौता को लेकर ट्यूब्स डिवीजन समेत टाटा स्टील जमशेदपुर के 11,446 कर्मचारियों को पिछली बार कुल 152.44 करोड़ रुपये का बोनस मिला था. कर्मचारियों को अधिकतम 1,10,547 रुपये और न्यूनतम 39,004 रुपये बोनस के रूप में मिले थे. पिछली बार बोनस 9255.05 करोड़ के नेट प्रॉफिट का 1.5 फीसदी यानी 138.83 करोड़ रुपये इस मद में, 14.83 टन स्टील उत्पादन का 1.5 फीसदी मूल्य का 41.5 करोड़ रुपये, उत्पादकता बोनस 87.5 करोड़ रुपये, सुरक्षा (सेफ्टी) बोनस पर 5 करोड़ रुपये और प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त राशि 30.30 करोड़ रुपये बोनस के मद में दिया गया था. (नीचे भी पढ़ें)
इस कारण पिछले साल कुल बोनस 303.12 करोड़ रुपये बांटे गये थे. हर हाल में इस बार के बोनस की राशि को इससे ज्यादा लेने की योजना है. मेहनतकश मजदूरों के इस शहर में वैसे तो हर माह के वेतन का इंतजार हर माह के अंतिम में होता है, लेकिन साल में डबल पगार यानी बोनस का इंतजार भी लोगों को रहता है. टाटा स्टील में बोनस को लेकर प्रस्ताव चला गया है. जाहिर सी बात है कि अब जमशेदपुर की सभी कंपनियों में बोनस को लेकर अब हलचल तेज हो जा रही है. इसको लेकर खास तौर पर गृहणियों को इंतजार है. साल भर का पेंडिंग काम इसी बोनस के पैसे से होता है. कोई अपने परिवार का भविष्य संवारता है तो बच्चों की पढ़ाई में लगाता है. कई लोग तो अपने कर्ज को इसी बोनस के पैसे से चुकाते है. यह बताता है कि किस कदर बोनस जरूरी है. इसको लेकर अब हर कंपनियों में बोनस को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी है. इस बोनस पर पूरे बाजार की नजरें टिकी होती है, जो शहर की अर्थव्यवस्था में नयी तेजी लायेगी.




