जमशेदपुर : झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, जूनियर इंजीनियर, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में शुक्रवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में साकची स्थित जिला कार्यालय से बड़ा गोलचक्कर तक विशाल मशाल जुलूस सह आक्रोश मार्च निकाला गया. महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आभा महतो, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, पोटका की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा, पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान हाथों में मशाल लिए हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए झारखंड के युवाओं को न्याय दिलाने और भर्ती परीक्षाओं में हुए कथित घोटालों की सीबीआई जांच की मांग उठाई. पूरे रास्ते में कार्यकर्ताओं ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो, भ्रष्टाचारियों को सजा दो और हेमंत सरकार इस्तीफा दो जैसे नारे लगाकर आक्रोश व्यक्त किया. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड की युवा शक्ति के सपनों के साथ लगातार विश्वासघात किया जा रहा है. जेपीएससी सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में जिस प्रकार गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उससे राज्य की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह संदेह के घेरे में आ गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सीआईडी जांच के नाम पर पूरे मामले की लीपापोती करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस समर्थित हेमंत सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय उसे सौदेबाजी का माध्यम बना दिया है. जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, जूनियर इंजीनियर और उत्पाद सिपाही जैसी भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आई कथित गड़बड़ियां इस सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की जांच सीबीआई से कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं शिक्षा विभाग का भी दायित्व संभाल रहे हैं, इसलिए नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार युवाओं के साथ हो रहे अन्याय पर मौन रही तो भाजपा सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक संघर्ष करेगी. वहीं, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि झारखंड में जब से कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार सत्ता में आई है, तब से भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता लगातार सवालों के घेरे में रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जूनियर इंजीनियर, जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही जैसी परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. इतना ही नहीं, कई राज्यों में विवादों में रही ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपकर सरकार ने युवाओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी कीमत पर झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी. पार्टी की मांग है कि सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए, दोषियों को कठोर सजा मिले तथा लाखों युवाओं को न्याय दिलाया जाए. वहीं, उन्होंने कहा कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झारखंड के युवाओं द्वारा जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को भाजपा अपना पूर्ण समर्थन देती है. भाजपा का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक राज्य के युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता. (नीचे भी पढ़ें)
मशाल जुलूस में पूर्व जिलाध्यक्ष बिनोद सिंह, गुंजन यादव, दिनेश कुमार, मनोज सिंह, जटाशंकर पांडेय, कुलवंत सिंह बंटी, जिप सदस्य कुसुम पूर्ति, जिला पदाधिकारी संजीव सिंह, बबुआ सिंह, अमरजीत सिंह राजा, राजीव सिंह, जितेंद्र राय, तन्मय झा, रीना चौधरी, कृष्णा शर्मा काली, संजीत चौरसिया, अखिल सिंह, ज्ञान प्रकाश, बिनोद सिंह, अमित सिंह, राकेश दुबे, किशोर ओझा, पप्पू सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, अमित अग्रवाल, अमिताभ सेनापति, नीतीश कुशवाहा, मंजीत सिंह, शैलेश गुप्ता, दिनेश शर्मा समेत मंडलाध्यक्ष बिनोद राय, पप्पू उपाध्याय, प्रशांत पोद्दार, विकास शर्मा, उपेंद्र गिरी, अमित मिश्रा, युवराज सिंह, रविन्द्र सिसोदिया, कुमार अभिषेक, रितेश झा, सुमित शर्मा, रंजीत सिंह, अजय श्रीवास्तव, चिंटू सिंह, लीना चौधरी, बिरेन महतो, इंदरजीत सिंह समेत हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे.




