रांची: झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते नियुक्ति परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मुद्दा गरमाया. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी अपनी सीट पर खड़े होकर इस मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग करने लगे.उन्होंने अलग-अलग परीक्षाओं का जिक्र करते हुए सरकार से सभी परीक्षाओं को रद्द करने और अदालत की निगरानी में मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की. बाबूलाल ने कहा कि बच्चे सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं. बारिश में बैठे हुए हैं. राज्य की बदनामी हो रही है. इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पहले हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाने की बात पर सहमति बनी थी. इसी बीच जब विधायक प्रदीप यादव अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, तब भाजपा के सभी विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.भाजपा विधायक सरकार होश में आओ, परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराओ, के नारे लगाते रहे. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही मात्र 20 मिनट ही चल सकी. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12.30 तक के लिए स्थगित कर दी.(नीचे भी पढ़े)
हंगामे के बीच 8399.31 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

झारखंड विधानसभा की कार्यवाही 12.30 बजे दोबारा शुरू होते ही सदन में एक बार फिर हंगामे की स्थिति बन गई. एक ओर विधायक प्रदीप यादव अपने स्थान पर खड़े होकर अपनी बात रखने लगे, वहीं दूसरी ओर भाजपा के सभी सदस्य भी अपनी-अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध जताने लगे.सदन में लगातार शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि सभी सूचनाओं को पढ़ी हुई मानी जाए. इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन हंगामे के कारण माहौल लगातार गरमाया रहा. हंगामा के बीच वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में 8399 करोड़ 31 लाख का अनुपूरक बजट को पेश किया. भाजपा विधायकों के हंगामे के कारण स्पीकर रविंद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही 10 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.




