जमशेदपुर: जमशेदपुर के गोविंदपुर स्थित अन्ना चौक के समीप हाल ही में हुए सड़क हादसे में एक बच्ची की मौत के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में आक्रोश और चिंता बढ़ गई है. लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रतिभा केंद्र मैदान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक में अन्ना चौक के समीप हुए हादसे पर दुख जताते हुए क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई. प्रतिनिधियों ने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही, तेज रफ्तार और पर्याप्त यातायात नियंत्रण व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. (नीचे भी पढ़े)

इसे देखते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई.बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) और ट्रैफिक डीएसपी से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं और लोगों की मांगों से अवगत कराया. प्रतिनिधियों ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण से संबंधित कई मांगों का पत्र अधिकारियों को सौंपा. उन्होंने कहा कि हादसों को रोकने के लिए केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थायी यातायात व्यवस्था जरूरी है.प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने के लिए नो-एंट्री का समय निर्धारित करने की मांग की. इसके तहत सुबह 5 से 9 बजे, दोपहर 12 से 3 बजे और शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों का परिचालन बंद रखने का प्रस्ताव दिया गया. प्रतिनिधियों का कहना है कि इन व्यस्त समयों में भारी वाहनों की आवाजाही कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा घट सकता है.(नीचे भी पढ़े)
बैठक में दुर्घटना संभावित और तेज रफ्तार वाले स्थानों को चिह्नित कर कम से कम 10 स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की गई. साथ ही गोविंदपुर गिट्टी मशीन के समीप घनी आबादी वाले क्षेत्र में मजबूत लोहे की बैरिकेडिंग कराने की मांग भी रखी गई. इसके अलावा अन्ना चौक से काली मंदिर तक पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई, ताकि रात के समय लोगों को सुरक्षित आवागमन में परेशानी न हो. प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क हादसों का सिलसिला जारी रह सकता है. अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अब स्थानीय लोग प्रशासन के कदम का इंतजार कर रहे हैं.





