
जमशेदपुर: विश्व हाथी दिवस पर टेल्को स्थित टेल्को क्लब में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार तथा जमशेदपुर वन प्रमंडल की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हाथियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को हाथियों के व्यवहार और उनकी गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था.कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को हाथियों के रहन-सहन, उनके प्राकृतिक आवास, भोजन, सामाजिक व्यवहार तथा मानव-हाथी संघर्ष से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई. इस अवसर पर असम से आए प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए हाथियों के स्वभाव और उनके साथ उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के प्रभावी तरीकों के बारे में विस्तार से बताया.(नीचे भी पढ़े)

विशेष रूप से क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के सदस्यों को हाथियों की गतिविधियों की निगरानी, बचाव कार्यों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षकों ने बताया कि हाथियों के संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय, वन विभाग और बचाव दल के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है.इस कार्यक्रम में डीएफओ सबा आलम अंसारी भी उपस्थित रहे. उन्होंने हाथियों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है.विश्व हाथी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया.




