रांची : झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्र छात्राओं के आंदोलन को बड़ी जीत मिली है. सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रियों की बैठक की. करीब साढ़े चार घंटे तक चली इस बैठक के बाद सरकार ने घोषणा कर दी कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और उसके परिणाम को रद्द कर दिया जायेगा. परीक्षा और परिणाम को रद्द करने की घोषमा कर दी गयी. इसके बाद छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से होने वाली कई नियुक्तियां अलग-अलग कारणों से प्रभावित हुई हैं. कई परीक्षाओं में जांच एजेंसियां भी शामिल हुईं और उसके परिणाम सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्र हित में कड़ा कानून बनाया है और उसे लागू करने की क्षमता भी रखती है. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और परिणाम रद्द होने के बाद 1975 लोगों के नौकरी खतरे में पड़ गयी है. उनकी नौकरी ही समाप्त हो गयी है. सीजीएल से जुड़े सारे मामलों की जांच रिटायर्ड जज से जांच कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही है. (नीचे भी पढ़े)
मुख्यमंत्री ने बताया कि जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल की परीक्षा और नियुक्ति को लेकर सीआइडी और एसआइटी की ओर से जांच की गयी है. बड़े नेटवर्क का पता चला है. इस कारण इसकी जांच जरूरी है. वर्ष 2014 के बाद से हुई सारी परीक्षा की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी के जरिये कराने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की है. 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग नियुक्तियों के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गयी थी, लेकिन पूरी तरह निष्कर्ष नहीं निकल पाया. अब सरकार ने इसका पटाक्षेप करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, उसके द्वारा प्रकाशित परिणाम तथा चयनित या परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से संबंधित पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार पारदर्शी तरीके से काम करेगी. (नीचे भी पढ़े)
परीक्षा कैसे होनी चाहिए और कैसे नहीं, इसके लिए पहले से एसओपी बनी हुई है. यदि एसओपी का सही तरीके से पालन किया जाता, तो कई गड़बड़ियां नहीं होतीं. उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधार में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सुझाव भी लिये जायेंगे. इसके लिए पोर्टल खोला गया है. प्राप्त सुझावों का विशेषज्ञों की टीम विश्लेषण करेगी. आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में टीम गठित की जायेगी. यह टीम विभिन्न संस्थानों के साथ समन्वय कर परीक्षा सुधार की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह स्टेडियम में पिछले दिनों से अलग-अलग समूहों में छात्र अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं, लेकिन वह उन्हें अलग-अलग नहीं मानते. सभी अपने भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की बात सुन रही है और उनके हित में समाधान निकालने के लिए गंभीर है.




