जमशेदपुर : जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार, 26 अगस्त को अक़ीदत और एहतराम के साथ 18वां संयुक्त जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला जाएगा. इसको लेकर तंजीम अहले सुन्नत व जमात की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.जुलूस-ए-मोहम्मदी की शुरुआत गांधी मैदान, मानगो से होगी. विशाल संयुक्त जुलूस मानगो से निकलकर साकची आमबगान होते हुए घातकीडीह सेंटर मैदान पहुंचेगा, जहां जुलूस का समापन किया जाएगा।जुलूस की तैयारियों को लेकर मंगलवार की संध्या मदरसा फैजुल उलूम स्थित सभागार में तंजीम अहले सुन्नत व जमात की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई. क़ाज़ी-ए-झारखंड मुफ्ती आबिद हुसैन नूरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तंजीम के पदाधिकारियों के साथ लौहनगरी के उलेमा-ए-किराम, मस्जिदों के इमाम, मदरसों के प्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।बैठक में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा साहब की याद और उनकी शिक्षाओं के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भव्य और मुत्तहिदा जुलूस-ए-मोहम्मदी को शांतिपूर्ण एवं शानदार तरीके से आयोजित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही, जुलूस की व्यवस्था,अनुशासन, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा ईद मिलादुन्नबी से संबंधित विभिन्न तैयारियों की समीक्षा की गई. (नीचे भी पढ़ें)

तंजीम अहले सुन्नत व जमात के जनरल सेक्रेटरी एवं प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती जियाउल मुस्तफा कादरी ने बताया कि जुलूस का नेतृत्व तंजीम अहले सुन्नत व जमात के उलेमा-ए-किराम करेंगे. उन्होंने कहा कि जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और पूरे आयोजन को आपसी भाईचारे, अनुशासन एवं सौहार्द के साथ संपन्न कराया जाएगा. ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर की मस्जिदों, मदरसों एवं विभिन्न मोहल्लों में पैगंबर-ए-इंसानियत की शान में बैनर-पोस्टर लगाए जाएंगे तथा आकर्षक विद्युत सज्जा भी की जाएगी. जुलूस को लेकर लोगों में खासा उत्साह है. ईद मिलादुन्नबी के मुबारक अवसर पर देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने सभी से अमन,शांति,भाईचारे और सौहार्द के साथ संयुक्त जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने की अपील किया.इस बैठक में मुख्य रूप से मुफ्ती अबू हुरैरा,मौलाना कलीमुद्दीन हबीबी,अल्हाज मुख्तार सफी ,माजिद अख्तर ,कारी इसाहक अंजुम,शाहिद रजा, मौलाना इम्तियाज ,मौलाना हारून रशीद ,मौलाना इंतखाब मिस्बाही,कारी असलम रब्बानी ,मौलाना मतीउल्लाह हबीबी,मौलाना अब्दुल हन्नान मस्जिदों के इमाम,अध्यक्ष,सदस्य,प्रमुख बुद्धिजीवी सहित समाज के बहुत से गणमान्य लोग उपस्थित थे.




