जमशेदपुर : जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा अब टलता जा रहा है. स्वर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है. बताया जाता है कि ओडिशा के ब्यांगबिल डैम का पानी छोड़ने की प्रक्रिया रोक दी गयी है. इसके बाद से लगातार जल का स्तर गिर रहा है. शाम चार बजे तक मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 121.56 मीटर रहा, जो खतरा के लेवल से सिर्फ 0.06 मीटर ही ऊपर है. खतरे का निशान स्वर्णरेखा नदी का 121.50 मीटर है. वहीं, खरकई नदी का जलस्तर भी तेजी से नीचे आया है. (नीचे भी पढ़ें)
खरकई नदी का जलस्तर अभी 130.60 मीटर है जो खतरे के निशान से 1.60 मीटर अधिक है. खरकई नदी का खतरे का निशान 129 मीटर पर है. अभी दोनों ही नदियों का जलस्तर नीचे जा रहे है, जो राहत की खबर है. (नीचे भी पढ़ें)
स्वर्णरेखा एवं खरकई नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा नदी के तटीय एवं डूब क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा जलजमाव वाले क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है. टाटा स्टील यूआइएसएल के सहयोग से शास्त्रीनगर, रामजनमनगर, बागबेड़ा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मोटर पंप के माध्यम से जल निकासी का कार्य कराने हेतु निर्देशित किया गया है. संबंधित नगर निकाय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जलजमाव वाले क्षेत्रों की स्थिति का लगातार आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन एवं मशीनरी की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को जलजमाव से जल्द से जल्द राहत मिल सके. साथ ही, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, जुगसलाई नगर परिषद एवं मानगो नगर निगम के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संभावित प्रभावित नागरिकों के लिए चिन्हित आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें. आश्रय स्थलों पर खाने-पीने, भोजन, फर्स्ट एड, प्रकाश, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पूरी रहे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. जिन क्षेत्रों में जलजमाव कम हो गया है या पानी निकल चुका है, वहां युद्धस्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. जल निकासी के बाद सड़कों, गलियों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई कराने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा फॉगिंग कराने को कहा गया है.




