जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता का फिटमेंट स्लिप मिलने के बाद माहौल गर्मा गया है. फिटमेंट स्लिप मिलने के बाद एनएस ग्रेड के करीब 2500 से अधिक कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है. इसकी वजह है कि बंचिंग नियम के तहत एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का इंक्रीमेंट तिथि को बदल दिया गया है. इस कारण उन एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को देर से इसका लाभ मिलेगा यानी उनको कुछ दिनों का नुकसान हो सकता है. यहीं वजह है कि इसको लेकर नाराजगी है. यह नाराजगी सीधे तौर पर यूनियन के वाट्सएप ग्रुप में दिख रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
यूनियन के पदाधिकारी कुछ बोलने की स्थिति नहीं है. बंचिंग सिस्टम के कारण यह समस्या है. यह ग्रेड रिवीजन में लागू होने वाला एक फिटमेंट नियम है, जो एनजेसीएस समझौता के समय से ही लगातार लागू होता आ रहा है. यह कोई नई व्यवस्था नहीं है. इस नियम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सीनियरिटी और सीनियर और जूनियर के बीच मौजूदा वेतन अंतर को सुरक्षित रखना है. यदि वेतन संशोधन के बाद सीनियर और जूनियर कर्मचारी का बेसिक पे समान हो जाता है, तो इस नियम के तहत आवश्यकतानुसार जूनियर कर्मचारी की इंक्रीमेंट तिथि को आगे किया जाता है, ताकि सीनियर कर्मचारी की सीनियरिटी और उसका वेतन लाभ सुरक्षित रहे. (नीचे भी पढ़ें)
बंचिंग उस स्थिति को कहते हैं, जब एक ही ग्रेड में कार्यरत कर्मचारियों का वेज रिवीजन से पहले बेसिक पे अलग-अलग था, अर्थात उनके बेसिक पे में एक इंक्रीमेंट या उससे अधिक का अंतर था, लेकिन स्टेप फिटमेंट या पे फिटमेंट के बाद उनका रिवाइज्ड बेसिक समान हो जाता है. ऐसी स्थिति में सीनियर और जूनियर कर्मचारी के बीच पहले से मौजूद वेतन अंतर को बनाए रखने के लिए जूनियर कर्मचारी की इंक्रीमेंट की सालाना तिथि को बदलकर वेज एग्रीमेंट की सालाना तिथि कर दिया.




