जमशेदपुर: जमशेदपुर के मानगो अंचल कार्यालय की ओर से स्वर्णरेखा नदी के किनारे बैकुंठनगर में 13 घरों को तोड़ने के लिए शनिवार सुबह करीब 10 बजे प्रशासन की टीम पहुंची. टीम ने घरों में रहने वाले परिवारों को कार्रवाई की जानकारी देते हुए सामान समेटने के लिए मोहलत दी और वापस लौट गई. दोपहर एक बजे तक टीम दोबारा मौके पर नहीं पहुंची थी. इस बीच प्रभावित परिवार अपने घरों से सामान निकालकर बाहर रख रहे थे. बैकुंठनगर निवासी लालन यादव ने बताया कि उन्हें पहले ही नोटिस मिल चुका है. (नीचे भी पढ़े)

प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे के भीतर सामान समेट लेने का निर्देश दिया. इसके बाद लोग अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुट गए. स्थानीय लोगों ने कार्रवाई को लेकर प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बिना नापी किए ही कुछ घरों को तोड़ने का आदेश दिया गया है. गुरुद्वारा से साईं आश्रम तक करीब 150 मकान हैं, लेकिन सभी मकानों को नोटिस नहीं दिया गया है. लोगों का आरोप है कि एक ही लाइन में स्थित कुछ घरों को छोड़कर चुनिंदा मकानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. उनका कहना है कि कार्रवाई का असर मुख्य रूप से गरीब परिवारों पर पड़ रहा है. (नीचे भी पढ़े)

इधर, कुंवर बस्ती के समीप ग्वाला बस्ती में भालू यादव, महेंद्र यादव और रमेश यादव से संबंधित जमीन का विवरण खाता नंबर 1249, प्लॉट नंबर 3983 और कुल रकबा छह डिसमिल बताया गया है. वहीं, कुंवर बस्ती में शनिवार सुबह तक घर नहीं तोड़े जाने के बाद जब प्रशासन की टीम जेसीबी मशीन लेकर पहुंची तो परिवार के लोग अपने घर का सामान बचाने के लिए तेजी से उसे बाहर निकालने लगे. कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में तनाव और असमंजस की स्थिति बनी हुई है.




