जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार (डीसी ऑफिस) में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में यातायात एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित बैठक आयोजित की गई. बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक के दौरान जुलाई माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई. इस दौरान 21 सड़क दुर्घटनाओं में 06 लोगों की मृत्यु पर उपायुक्त ने चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
समीक्षा में चालकों की लापरवाही, तेज एवं असावधानीपूर्वक वाहन चलाना तथा ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे कारण प्रमुख रूप से सामने आए. उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस या परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने बिना हेलमेट वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग एवं ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध नियमित जांच एवं कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया. गत माह में अभियान के दौरान बगैर हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग एवं बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों से 9 लाख 61 हजार रुपये, जबकि ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में 38 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने कहा कि जहां आवश्यकता हो वहां स्पीड लिमिट, नो पार्किंग, स्कूल जोन, हॉर्न निषेध, यू-टर्न, पैदल यात्री क्रॉसिंग, दिशा-सूचक एवं चेतावनी संबंधी साइनेज लगाए जाएं. खराब या क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों को शीघ्र दुरुस्त करने तथा रात्रि में स्पष्ट दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टिव साइनेज एवं रोड मार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर सड़क सुरक्षा को लेकर भी उपायुक्त ने विशेष निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं प्रखंड स्तर की सड़कों पर दुर्घटना संभावित स्थानों, पुल-पुलिया, तीखे मोड़, संकरे मार्ग तथा स्कूल एवं हाट-बाजार के आसपास आवश्यक चेतावनी संकेतक एवं रिफ्लेक्टर लगाए जाएं. ग्रामीण सड़कों पर रात्रि में दृश्यता कम होने वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मिलने वाले मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि सड़क दुर्घटना में अपने परिजन को खोने वाले परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके. उन्होंने स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया. हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा सड़क पार करते समय सावधानी बरतने को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, डीएफओ सबा आलम अंसारी, डीटीओ सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी तथा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे.




