जमशेदपुर : जमशेदपुर में विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक उपचार की सुविधा को और मजबूत करते हुए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने दो स्पेशियलिटी क्लीनिक शुरू किए हैं. इसके साथ ही रोबोटिक तकनीक की मदद से जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है. हैंड ट्रॉमा क्लीनिक और ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी क्लीनिक की शुरुआत मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर, आधुनिक तकनीक से लैस और विभिन्न विशेषज्ञों की मदद से ऑर्थोपेडिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इन सुविधाओं से जमशेदपुर और झारखंड के आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत ऑर्थोपेडिक उपचार अपने घर के करीब मिल सकेगा. (नीचे भी पढ़ें)

मस्कुलोस्केलेटल से जुड़ी बीमारियां लगातार जटिल होती जा रही हैं. ऐसे में मरीजों को सामान्य ऑर्थोपेडिक उपचार से आगे बढ़कर विशेषज्ञों की सलाह और विशेष उपचार की जरूरत होती है. इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए, टाटा मेन हॉस्पिटल ने अपनी सेवाओं का विस्तार किया है, ताकि मरीजों को उन्नत जांच, उपचार और पुनर्वास की सुविधा अपने घर के करीब मिल सके. इससे उन्हें विशेष इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम होगी. इस पहल की परिकल्पना हेड, जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक्स डॉ. जयंत कुमार लायक के नेतृत्व में की गई है. इसका उद्देश्य विशेषज्ञ और मरीज-केंद्रित उपचार के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना है. तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और शहरी क्षेत्र में हाथ और कलाई की चोटें विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल हैं. ऐसी चोटें कार्यस्थल, सड़क दुर्घटनाओं, घर पर होने वाली घटनाओं या खेल गतिविधियों के दौरान हो सकती हैं. इनका असर व्यक्ति की रोजगार की क्षमता के साथ-साथ रोजमर्रा के सामान्य काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है. इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जरूरत को पूरा करने के लिए टीएमएच ने हैंड ट्रॉमा क्लीनिक की शुरुआत की है, जिसका नेतृत्व डॉ. कुमार राहुल और डॉ. चिरंजीब मिश्रा कर रहे हैं. क्लीनिक में हाथ और कलाई से जुड़ी फ्रैक्चर, टेंडन इंजरी, नसों की चोट, क्रश इंजरी, संक्रमण और जटिल सॉफ्ट टिश्यू चोटों की विशेषज्ञ जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है. (नीचे भी पढ़ें)
इस क्लीनिक की खासियत इसका एकीकृत उपचार दृष्टिकोण है, जिसमें एक व्यवस्थित उपचार कार्यक्रम के तहत सर्जरी, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल रिहैबिलिटेशन को शामिल किया गया है. जल्दी जांच और समय पर उपचार के माध्यम से यह क्लीनिक लंबे समय तक रहने वाली विकलांगता को रोकने और मरीजों को हाथ की बेहतर कार्यक्षमता वापस पाने में मदद करने का लक्ष्य रखता है. इससे मरीज जल्द काम पर लौट सकेंगे और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकेंगे. क्लीनिक को अब तक मरीजों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है. शुरुआती संचालन अवधि के आंकड़े बताते हैं कि इस सेवा ने क्षेत्र में हाथ की चोटों के विशेषज्ञ उपचार की एक महत्वपूर्ण जरूरत को पूरा किया है. विशेषज्ञ बोन कैंसर उपचार की सुविधा अब मरीजों के और करीबविभाग में एक और महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी क्लीनिक की शुरुआत की गई है. इसका नेतृत्व डॉ. आयुष चौधरी और डॉ. तेजस वी. शेट्टी कर रहे हैं. हड्डी और सॉफ्ट टिश्यू में होने वाले ट्यूमर के उपचार के लिए कई चिकित्सा विशेषज्ञों की संयुक्त और विशेष सेवाओं की जरूरत होती है. पहले ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे कई मरीजों को बेहतर और उन्नत उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था. ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी क्लीनिक का उद्देश्य इस कमी को दूर करना है. यहां मस्कुलोस्केलेटल ट्यूमर की जांच और उपचार के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें सामान्य (बेनाइन) और कैंसरयुक्त (मैलिग्नेंट) दोनों तरह की स्थितियां शामिल हैं. क्लीनिक में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ मिलकर मरीज की स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करेंगे. इसका उद्देश्य केवल बीमारी का प्रभावी उपचार करना ही नहीं, बल्कि जहां संभव हो, उन्नत लिंब-साल्वेज और पुनर्निर्माण प्रक्रियाओं के माध्यम से मरीज की चलने-फिरने की क्षमता, कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना भी है. यह सेवा जमशेदपुर और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी उपचार की सुविधा को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. झारखंड में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट की नई शुरुआतएक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, टाटा मेन हॉस्पिटल झारखंड का पहला स्वास्थ्य संस्थान बन गया है, जहां सफलतापूर्वक रोबोटिक तकनीक की मदद से जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई है. जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने रोबोटिक तकनीक की सहायता से तीन सफल जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की हैं. यह उपलब्धि राज्य में सटीक और आधुनिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी के एक नए दौर की शुरुआत का प्रतीक है. रोबोटिक तकनीक से सर्जन सर्जरी की बेहतर सटीकता के साथ योजना बना सकते हैं और मरीज की शारीरिक संरचना के अनुसार इम्प्लांट को सही स्थिति में लगाने में मदद मिलती है. मरीजों के लिए इससे उपचार के बेहतर परिणाम, इम्प्लांट की बेहतर एलाइनमेंट, सर्जरी के बाद कम परेशानी और तेजी से रिकवरी संभव हो सकती है. रोबोटिक तकनीक की मदद से सर्जरी की शुरुआत टीएमएच के क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य तकनीकों को उपलब्ध कराने और स्थानीय समुदायों तक विश्वस्तरीय उपचार की सुविधा पहुंचाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है. इन विशेष स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत जमशेदपुर, कोल्हान, रांची, बोकारो और आसपास के जिलों के लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. इनमें से कई मरीजों को पहले अत्याधुनिक और विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक उपचार की सीमित सुविधा मिल पाती थी. हैंड ट्रॉमा, मस्कुलोस्केलेटल ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक तकनीक की मदद से जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करके टाटा मेन हॉस्पिटल उपचार में होने वाली देरी को कम करने, मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने और उनके घर के करीब व्यापक उपचार उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है. इस विस्तार से पूर्वी भारत के एक प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान के रूप में टीएमएच की स्थिति और मजबूत हुई है. टीएमएच मरीजों के बेहतर उपचार के लिए चिकित्सा विशेषज्ञता, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की संयुक्त देखभाल और अत्याधुनिक तकनीक को एक साथ ला रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं के लगातार बदलते स्वरूप के बीच, टाटा मेन हॉस्पिटल की ये नई पहल दिखाती हैं कि नवाचार और विशेषज्ञता के माध्यम से उपचार की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है और झारखंड सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाया जा सकता है. इन प्रयासों के माध्यम से टीएमएच मरीजों की चलने-फिरने की क्षमता वापस पाने, उनकी कार्यक्षमता बहाल करने और उन्हें अधिक स्वस्थ एवं बेहतर जीवन जीने में मदद करने के अपने मिशन को लगातार मजबूत कर रहा है.







