जमशेदपुर : जमशेदपुर के टेल्को के हिल टॉप स्कूल के प्रांगण में 21 एवं 22 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय सीआइएसइ बिहार-झारखंड रीजनल ताइक्वांडो प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक समापन हुआ. प्रतियोगिता में बिहार एवं झारखंड के विभिन्न जोन से लगभग 183 खिलाड़ियों , कोच और मैनेजरों ने हिस्सा लिया. खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु एवं भार वर्गों में अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता का उद्घाटन झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सौरव तिवारी ने पारंपरिक तरीके से किया. (नीचे भी पढ़ें)
समापन समारोह में विद्यालय की प्राचार्या उमा तिवारी ने खिलाड़ियों एवं अतिथियों की उपस्थिति में प्रतियोगिता के समापन की घोषणा की. इस अवसर पर झारखंड ताइक्वांडो संघ के कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल कुमार सहित बंगाल, ओडिशा एवं झारखंड से आए पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जमशेदपुर जोन ने ओवरऑल विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि देवघर जोन उपविजेता रहा. बालक वर्ग में जमशेदपुर जोन के रोनित गोराइ , आर्यन शरण, शुभ्रीत, रीतम विश्वास, सूरज कुमार, हार्दिक सहाय, अर्णब भारद्वाज, मोहम्मद अब्दुल्ला , एम तनिष्क, रोहन मेनन ने स्वर्ण पदक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. भागलपुर जोन से आर्यन राज ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया. बालिका वर्ग में जमशेदपुर जोन की जिया खान, इरम फातिमा, एंजल शर्मा, अर्पिता मंडल एवं इशिका वर्मा ने स्वर्ण पदक जीते. देवघर जोन की पर्ल वत्सल, पल्लवी भट्टवाल एवं महिमा चौधरी तथा पटना जोन की साहिबा ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किए. रजत पदक वर्ग में जमशेदपुर जोन के अशजाद अहमद खान, देवघर जोन से अमन कुमार, सत्यम कुमार शाह, आदित्य अनमोल, चेतन, साहिल रोशन कुमारी सहित अन्य खिलाड़ियों ने रजत पदक प्राप्त किया. देवघर जोन से अभिनव एवं रंजनी, पटना जोन से श्रेया कुमारी एवं ईशान किरण, तथा भागलपुर जोन से यामिनी खंडेलवाल ने रजत पदक प्राप्त किया. (नीचे भी पढ़ें)
अन्य भार एवं आयु वर्गों में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. भागलपुर जोन के मुहम्मद अली शाह, अंश कुमार सिंह एवं उज्ज्वल राय तथा पटना जोन के किशोर ने रजत पदक हासिल किया. बालिका वर्ग में जमशेदपुर जोन की लक्ष्मी, साक्षी कुमारी, शांभवी प्रिया, भागलपुर जोन से अरणजया प्रिय दर्शिनी , निभा ने कांस्य पदक प्राप्त किया. प्रतियोगिता के सफल आयोजन में विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्या, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा. प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर निखारने का अवसर प्रदान किया.





