रांची: झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान द्वारा अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग के बाद इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. हिदायतुल्लाह खान द्वारा 18 मई को प्रस्तुत आवेदन को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमइआइ) को भेजा था. इसके बाद राष्ट्रीय आयोग ने 19 अगस्त 2026 को झारखंड सरकार के मुख्य सचिव और निदेशक, प्राथमिक शिक्षा को पत्र भेजा है. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि झारखंड में पात्र अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को एनओसी जारी करने और अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाण-पत्र प्रदान करने की वर्तमान प्रक्रिया जटिल होने के कारण आवेदनों के निपटारे में अनावश्यक देरी होती है. आयोग ने झारखंड सरकार से वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करने तथा पात्र अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को एनओसी और अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, सरल और प्रभावी बनाने के लिए उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है. राष्ट्रीय आयोग ने अपने पत्र में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग, राज्य के संबंधित अधिकारियों तथा अन्य संबंधित हितधारकों के साथ एक बैठक आयोजित करने का भी निर्देश दिया है. (नीचे भी पढ़े)
इस बैठक के माध्यम से वर्तमान प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के आवेदनों के त्वरित निपटारे के लिए पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया है. आयोग का कहना है कि इस तरह के कदमों से पात्र अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का प्रभावी रूप से लाभ उठाने में सुविधा मिलेगी. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि बेहतर और सरल प्रक्रिया के माध्यम से अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30 तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग अधिनियम, 2004 के तहत प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों और संरक्षण का प्रभावी रूप से लाभ उठा सकेंगे. राष्ट्रीय आयोग ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव और निदेशक, प्राथमिक शिक्षा से इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी जल्द से जल्द राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग को उपलब्ध कराने को भी कहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आयोग के उक्त पत्र की एक प्रति झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान को भी भेजी गई है. इस प्रगति को राज्य के अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रक्रिया के सरल और समयबद्ध होने से अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिल सकती है.







