जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस समझौता गुरुवार को होने जा रहा है. इसको लेकर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. पिछले साल से अधिक बोनस की राशि तो मिल रही है, लेकिन टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु एक बार फिर से अपना विटो पावर लगाकर टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन के साथ मीटिंग करेंगे. इसके आधार पर बोनस समझौता होगा. इस समझौता को लेकर लगभग तैयारी की गयी है. वहीं, वेज रिवीजन समझौता को लेकर चल रहे कयास के बीच यह साफ किया गया है कि वेज रिवीजन समझौता 2025-2026 के आधार पर हो रहा है. 2026 में हुए वेज रिवीजन समझौता का लाभ इस बोनस में नहीं बल्कि अगले साल के बोनस में लाभ मिलेगा. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने कहा है कि कर्मचारियों का बोनस प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अर्जित बेसिक व डीए के आधार पर निर्धारित किया जाता है अर्थात जिस वित्तीय वर्ष में बेसिक व डीए अर्जित होता है, उसी के आधार पर उस वर्ष के बोनस की गणना की जाती है. वेतन पुनरीक्षण का एरियर वित्तीय वर्ष 2026-2027 में अर्जित होगा इसलिए इस एरियर से संबंधित बढ़ी हुई बेसिक व डीए राशि का प्रभाव इस साल मिलने वाले बोनस में नहीं, बल्कि अगले वित्तीय वर्ष के बोनस में आएगा. उन्होंने बताया कि इसको सरल तरीके से समझा जा सकता है वेज रिवीजन एरियर वित्तीय वर्ष 2026-2027 में अर्जित बेसिक व डीए में शामिल बोनस योग्य राशि बढ़ेगी. अगले बोनस चक्र में इसका लाभ मिलेगा. यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को वेज रिवीजन के कारण 1,00,000 रुपये का एरियर वित्तीय वर्ष 2026-2027 में मिलता है, तो उसमें शामिल बोनस योग्य बेसिक व डीए की राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 की बोनस योग्य कमाई में शामिल होगी. (नीचे भी पढ़ें)
इसके कारण बनने वाला अतिरिक्त बोनस अगले बोनस चक्र में मिलेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि एरियर पर बनने वाला बोनस समाप्त नहीं होता है, बल्कि जिस वित्तीय वर्ष में एरियर की संबंधित बोनस योग्य राशि अर्जित होती है, उसके आधार पर उसका बोनस लाभ अगले बोनस भुगतान में मिलता है. यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि वेज रिवीजन का लाभ केवल एरियर तक सीमित नहीं है. एरियर के कारण बढ़ी हुई बेसिक व डीए का प्रभाव बोनस पर भी पड़ेगा. उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि इस विषय को सही तरीके से समझें और किसी भी भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें. एरियर जिस वित्तीय वर्ष में अर्जित होगा, उस एरियर से बनने वाला बोनस उसी वित्तीय वर्ष के बाद आने वाले बोनस भुगतान में मिलेगा यानी वेज रिवीजन का लाभ एरियर के साथ-साथ बोनस में भी मिलेगा.




