जादूगोड़ा: यूसिल कर्मचारी अनुसूचित जनजाति संघ के आग्रह में भारत सरकार की अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष डॉ आशा लकड़ा की अगुवाई में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को जादूगोड़ा पहुंची व यूसिल की यूरेनियम प्रोजेक्ट जादूगोड़ा से सटे विस्थापित प्रभावित गांव मेचुआ व इचडा का दौरा किया. साथ ही साथ आदिवासियों से मुलाकात की और विस्थापितों का दर्द जाना. यूसिल कर्मचारी अनुसूचित जनजाति संघ के महासचिव सह यूसिल के प्रशासनिक अधिकारी दीपेंदु हांसदा, स्टालिन हेंब्रम ने की. इस मौके पर ग्रामीणों ने आयोग की अध्यक्षा डॉ आशा लकड़ा के समक्ष शिकायतों का पिटारा खोल दिया व अपनी पीड़ा से अवगत कराया. ग्रामीणों ने यूसिल के खिलाफ मुखर होकर अपनी बातें रखी कहा कि यूसिल शिक्षा, स्वास्थ्य ,पेयजल, सड़के , तालाब की साफ-सफाई ,सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधा में देने में असफल रही है. (नीचे भी पढे)

कंपनी से सटे गांव के आम नागरिकों को मिलने वाली ग्रामीण मेडिकल सुविधा भी वर्षों से बंद है. बीमार पड़ने पर लोगों को एबुलेंस से अस्पताल लाने तक सुविधा नहीं देती. कंपनी से सेवानिवृत्त विस्थापित या कर्मचारी को बीमार पड़ने पर उसे निजी वाहन से यूसिल अस्पताल जाना पड़ता है. साधन के अभाव में पूर्व कर्मचारियों की कई बार मौत हो जाती है. शिकायत सुनने के बाद ग्रामीणों को डॉ आशा लकड़ा ने आश्वस्त किया कि आयोग आपके लिए बनी है. बिना न्यायालय में जाएं अपनी शिकायतें उनके समक्ष रखे जहां उनकी शिकायतों का निष्पक्ष रूप से निष्पादन किया जाएगा. इसके पूर्व मेचुआ गांव के ग्रामीणों ने ढोल नगाड़े के साथ आदिवासी परम्परा के साथ अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष डॉ आशा लकड़ा भव्य स्वागत किया. इस मौके दीपेंदु हांसदा, दामु नायक, सुरजीत सोरेन, बीरेन टुडू, सृजन टुडू ,वीणा नंद सिरका, यूसिल के प्रशासनिक अधिकारी स्टालिन हेंब्रम, महेश साहू, जितराई सोरेन, मानिक चंद्र मुर्मू, लखन टुडू,, मंगल टुडू, तुलसी मुंडा, सुधीर मुंडा, सुनील दिग्गी, सिद्धों हो, भोलानाथ टुडू , टिक्की मुखी, लेटा मुर्मू ,माझी बाबा डोमन श्याम सोरेन, नायके मधु सोरेन, कुशल सोरेन, विराम सोरेन, योगेन सोरेन, आमता सोरेन समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.





