जमशेदपुर : पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान में बैंकों का काम काज ठप रहा. जमशेदपुर की सड़कों पर सुबह से ही बैंककर्मियों का आक्रोश देखने को मिला. बिष्टुपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा और कचहरी चौक के समीप भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आंचलिक कार्यालयों के बाहर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. शुक्रवार को एकदिवसीय हड़ताल के बाद शनिवार (दूसरा शनिवार) और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण कोल्हान में बैंकिंग सेवाएं लगातार 72 घंटे तक ठप रहने के आसार हैं. (नीचे भी पढ़ें)
करोड़ों का कारोबार प्रभावित, काउंटर सेवा पूरी तरह ठप : हड़ताल के कारण जमशेदपुर के व्यापारिक केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्रों में लेन-देन पर बड़ा असर पड़ा है. जमशेदपुर में एसबीआइ, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया जैसी प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर है. काउंटर से होने वाली सेवाएं जैसे—नकद जमा व निकासी, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट और पासबुक अपडेट पूरी तरह ठप रहीं. हालांकि, राहत की बात यह रही कि डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और ज्यादातर एटीएम चालू रहे, लेकिन नकदी निकासी बढ़ने से वीकेंड पर एटीएम खाली होने की आशंका बढ़ गयी है. (नीचे भी पढ़ें)

मांगें नहीं मानी तो 28 सितंबर से 3 दिनों की फिर होगी हड़ताल : यूएफबीयू के स्थानीय पदाधिकारियों ने बताया कि बैंकों में 5-डे वर्किंग डे की मांग पर द्विपक्षीय समझौता होने के बावजूद केंद्र सरकार दो साल से इसे लटकाए हुए है. इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) में विसंगतियों को दूर करने की मांग भी की जा रही है. यूएफबीयू के नेताओं ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि श्रम आयुक्त के साथ हुई वार्ताओं की नाकामी के बाद भी सरकार का अड़ियल रुख नहीं बदला, तो आंदोलन और उग्र होगा. तय कार्यक्रम के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जायेगी, जिसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से देश के सारे बैंक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे. (नीचे भी पढ़ें)




