जमशेदपुर : टाटा कमिंस के जमशेदपुर प्लांट में अत्याधुनिक कैंटीन सुविधा शुरू होने के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने इसका लाभ नहीं लेने का विकल्प चुना है. कंपनी की ओर से जारी हालिया सर्कुलर के तहत कर्मचारियों से 15 सितंबर तक लिखित रूप से अपनी सहमति देने को कहा गया था. निर्धारित समय सीमा तक करीब 900 कर्मचारियों में से 500 से ज्यादा कर्मचारियों ने लिखित आवेदन देकर कैंटीन सुविधा नहीं लेने की सहमति दे दी है. (नीचे भी पढ़ें)
कैंटीन सुविधा को लेकर हाल में हुए ग्रेड रिवीजन समझौते में यह प्रावधान किया गया है कि जो कर्मचारी कंपनी की कैंटीन सुविधा नहीं लेना चाहते हैं, उन्हें इसके एवज में 2,500 रुपये का भुगतान किया जाएगा. इसके बाद कर्मचारियों के बीच कैंटीन सुविधा लेने या इसके बदले निर्धारित राशि प्राप्त करने को लेकर चर्चा तेज हो गई है. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रेड रिवीजन को लेकर कर्मचारियों में असंतोष
कर्मचारियों के एक वर्ग का कहना है कि हालिया ग्रेड रिवीजन में उन्हें अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिला है. कर्मचारियों की ओर से टाटा मोटर्स के ग्रेड रिवीजन से तुलना करते हुए कहा जा रहा है कि वहां की तुलना में टाटा कमिंस के कर्मचारियों के ग्रेड में बढ़ोतरी कम हुई है. ऐसे में कैंटीन सुविधा के बदले मिलने वाली 2,500 रुपये की राशि को वे अतिरिक्त आर्थिक लाभ के रूप में देख रहे हैं. इसी वजह से बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कैंटीन सुविधा से बाहर रहने के लिए लिखित सहमति दी है. कर्मचारियों का कहना है कि वे फिलहाल घर से खाना बनाकर लाना या भोजन की अन्य व्यक्तिगत व्यवस्था करना पसंद करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
नाइट शिफ्ट में भोजन की व्यवस्था जारी रहेगी
बताया गया है कि नाइट शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को कंपनी की ओर से मिलने वाले फूड पैकेट की व्यवस्था जारी रहेगी. यानी कैंटीन सुविधा नहीं लेने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों पर नाइट शिफ्ट के भोजन की यह व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी. साथ जो कभी कभार खाना चाहेंगे वह पैसे देकर कैंटीन में भोजन कर सकते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
छह महीने बाद समीक्षा की तैयारी
यूनियन सूत्रों के अनुसार, कैंटीन की नई व्यवस्था को फिलहाल लगभग छह महीने तक देखा जाएगा. इस दौरान कर्मचारियों की प्रतिक्रिया, कैंटीन के उपयोग और व्यवस्था की व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा. इसके बाद आवश्यकता के अनुसार कैंटीन व्यवस्था में बदलाव या फेरबदल पर विचार किया जा सकता है.







