जमशेदपुर: शहर में पिछले कुछ दिनों के दौरान हुई लगातार घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, यातायात और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है. एक ओर गोलमुरी केनरा बैंक में दिनदहाड़े हथियारबंद अपराधियों ने बैंककर्मियों को बंधक बनाकर बड़ी डकैती को अंजाम दिया, जिसके बाद गोलमुरी में ही ज्वेलरी दुकान में चोरी की घटना सामने आई. वहीं मरीन ड्राइव में सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से कार की टक्कर में चार युवाओं की दर्दनाक मौत हो गयी. इसके बाद बिंदल मॉल स्थित रेस्टोरेंट में फायरिंग की घटना में चार लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है.सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल‘गोल्डी’ने कहा कि इन घटनाओं की कड़ी को केवल अलग-अलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जा सकता. शहर में जहां अपराधियों द्वारा दिनदहाड़े बैंक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं आम व्यापारी और ग्राहक यह सवाल पूछने को मजबूर हैं कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है.उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह भी है कि जिन क्षेत्रों में ये घटनाएं हुईं, वहां पुलिस पेट्रोलिंग और चेकिंग व्यवस्था मौजूद रहती है. यदि पुलिस की नियमित मौजूदगी और संवेदनशील क्षेत्रों में चेकिंग के बावजूद इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं, तो सुरक्षा एवं पेट्रोलिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता की समीक्षा आवश्यक है. अपराधियों में कानून का भय पैदा होना चाहिए, लेकिन आम व्यापारी और ग्राहक पुलिस की मौजूदगी से भयभीत महसूस करें, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने शनिवार की रात बिष्टुपुर में बाजार एवं दुकानों में खरीदारी कर रहे ग्राहकों और व्यापारियों के साथ कथित रूप से लाठी चलाए जाने की बातों पर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि यदि बाजारों और दुकानों के खुलने बंद होने को लेकर जिला प्रशासन ने कोई समय निर्धारित किया है, तो उसे स्पष्ट रूप से लिखित अधिसूचना के माध्यम से सार्वजनिक किया जाना चाहिए. व्यापारियों को यह पता होना चाहिए कि नियम क्या है, किस क्षेत्र में लागू है और उसका पालन किस प्रकार किया जाना है.उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब जिला प्रशासन के समय के अनुसार ही शहर की दुकानें खुलेंगी और बंद होंगी. यदि ऐसा कोई आदेश है तो उसे सार्वजनिक करने में क्या परेशानी है. नियम स्पष्ट होंगे तो व्यापारी भी उसका पालन करेंगे और प्रशासन को भी कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी.उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करवाना निश्चित रूप से प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन क्या नियमों के पालन के नाम पर ठेला-खोमचा लगाने वाले छोटे दुकानदारों पर डंडा चलाना उचित है क्या. अपने परिवार का पेट पालने के लिए छोटा कारोबार करने वाला व्यक्ति अपराधी है. यदि किसी ने नियम का उल्लंघन किया है तो नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन कार्रवाई कानूनसम्मत, संयमित और सम्मानजनक होनी चाहिए.बिष्टुपुर की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर क्या अब व्यापारियों और ग्राहकों पर लाठियां चलेंगी. बाजार में खरीदारी करने आया परिवार, दुकानदार और कर्मचारी पुलिस से सुरक्षा और सहयोग की अपेक्षा रखते हैं. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान आम नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा का भी ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है.(नीचे भी पढे)
अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ने कहा कि एक तरफ बैंक में दिनदहाड़े डकैती, ज्वेलरी दुकान में चोरी और मॉल के रेस्टोरेंट में फायरिंग जैसी घटनाएं हो रही हैं, दूसरी तरफ बाजारों में नियमों के नाम पर व्यापारियों और ग्राहकों के साथ सख्ती की शिकायतें सामने आ रही हैं. प्रशासन की प्राथमिकता अपराध की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहार हैं. इस दौरान जमशेदपुर के बाजारों में भारी भीड़ होगी और व्यापारिक गतिविधियां कई गुना बढ़ेंगी. ऐसे समय में बाजारों में पुलिस की प्रभावी पेट्रोलिंग, सीसीटीवी की निगरानी, यातायात व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन और अपराध की रोकथाम के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है. प्रशासन को व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर पहले से स्पष्ट एवं व्यावहारिक व्यवस्था बनानी चाहिए, ताकि व्यापारी भी निर्भय होकर कारोबार कर सकें और आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकें. उन्होंने कहा कि व्यापारी कानून का पालन करना चाहता है, लेकिन उसे भी स्पष्ट नियम, लिखित आदेश और सम्मानजनक व्यवहार का अधिकार है. नियम सभी के लिए समान होने चाहिए और उनका पालन भी समान रूप से कराया जाना चाहिए. प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच टकराव नहीं, बल्कि संवाद और सहयोग होना चाहिए.(नीचे भी पढे)
अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि शहर में हाल की आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए, संवेदनशील व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए तथा आगामी त्योहारी सीजन के लिए विशेष सुरक्षा एवं यातायात योजना तैयार की जाए. साथ ही दुकानों के संचालन समय को लेकर यदि कोई आदेश लागू है तो उसे तत्काल सार्वजनिक किया जाए, ताकि व्यापारी और आम नागरिक स्पष्ट नियमों के अनुसार अपना कार्य कर सकें.उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के व्यापारियों को पुलिस की लाठी नहीं, पुलिस की सुरक्षा चाहिए. ग्राहकों को डर नहीं, सुरक्षित बाजार चाहिए और अपराधियों को यह संदेश मिलना चाहिए कि कानून व्यवस्था उनके विरुद्ध सख्ती से खड़ी है.




