जमशेदपुर : जुगसलाई श्री राजस्थान शिवमंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन, शुक्रवार को आचार्य विनय कांत त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण की गोपियों संघ रास लीला एवं वृंदावन धाम की विश्व प्रसिद्ध निधि वन में शरद पूर्णिमा की रात होनेवाली महारास लीला का मनमोहक चित्रण किया. ब्यासपीठ से बोलते हुए आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि आज भी ब्रज की पावन भूमि श्री वृंदावन धाम के नीधिवन में रात्रि में साक्षात रूप में रास होता है, जिसे आम जन ना तो देख सकते हैं ना ही रात में वहां कोई रुक सकता है. (नीचे भी पढ़ें)

आचार्य विनय कांत ने आज ब्यासपीठ से द्वारिकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के देवी रुक्मिणी के साथ विवाह का वृतांत भी सुनाया एवं इस के दौरान इस संबंध में विभिन्न आकर्षक झांकियों के साथ ही महारास लीला की मार्मिक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं. उन्होंने बताया कि देवी रुक्मिणी के अनुरोध और उनके भगवान् श्री कृष्ण को ही अपना पति मान लेने का संदेश श्री कृष्ण को प्राप्त होने पर उन्होंने कैसे देवी रुक्मिणी का अपहरण कर देवी रुक्मिणी के साथ भीषण परिस्तिथियों से निपटते हुए विवाह किया और उन्हें अपनी पटरानी घोषित किया. इस से यह संदेश दिया गया की कैसे भगवान् अपने भक्त की पुकार पर दौडे़ चले आते हैं और भक्तों के मान की रक्षा करते हैं. प्रेक्षागृह में बहुत बड़ी संख्या में जुटे भक्तों के साथ आज भगवान् श्री कृष्ण ओर देवी रुक्मिणी के विवाह का अत्यंत हर्ष और उल्लास से महोत्सव मनाया गया, खुशियां ओर मिठाइयां बांटी गईं. (नीचे भी पढ़ें)
इससे पूर्व विगत रात्रि आचार्य त्रिपाठी अपने साथी भक्तों के साथ बिष्टुपुर स्थित भगवान् श्री श्याम जी खाटू वाले के मंदिर भी दर्शन करने पंहुचे. वहीं आज प्रातः 11 बजे वे श्री टाटानगर गौशाला पंहुचे जहां गौ सेवा की और अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति प्रति दिन 50 रुपये गौशाला में गौसेवा के लिए अवश्य दान करे. उन्होंने कहा कि गौ रक्षा मनुष्य का परम कर्तव्य है. आज की कथा को सफलता पूर्वक संपन्न कराने के लिए छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामुका, पवन काबरा, पवन सिंगोदिया, सांवरलाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, मुरलीधर शर्मा, पवन शर्मा एवं अन्य सदस्य सक्रिय रहे.




