जमशेदपुर : डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में नए एमबीबीएस छात्रों के साथ कथित तौर पर हुई रैगिंग का मामला पहली बार सामने नहीं आया है. जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी सीनियर छात्रों पर नए विद्यार्थियों को प्रताड़ित करने और उन्हें मुर्गा बनाने के आरोप लगे थे. हालांकि, उस समय नए छात्रों ने डर के कारण शिकायत नहीं की, जिससे मामला दब गया. बुधवार देर रात हुई घटना के बाद नए छात्रों के विरोध और दिल्ली में ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने से मामला गंभीर हो गया. इसके बाद जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी. जांच के दौरान कुछ अहम साक्ष्य सामने आने की बात कही जा रही है. एक छात्र के मोबाइल फोन में घटना के समय की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है. अब रिकॉर्डिंग के आधार पर कथित रूप से शामिल सीनियर छात्रों की आवाज की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. बताया गया कि घटना के दौरान नए छात्रों को सिर झुकाकर रखने का निर्देश दिया गया था. इस कारण वे सीनियर छात्रों को ठीक से पहचान नहीं सके. (नीचे भी पढ़ें)
एसडीएम अर्णव मिश्रा के अनुसार, नए छात्रों को डराया-धमकाया गया था, जिससे वे काफी भयभीत थे. जरूरत पड़ने पर ऑडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है. उन्होंने बताया कि रैगिंग मामले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को दो चरणों में रिपोर्ट भेजी जानी है. पहले प्राथमिक रिपोर्ट भेजी जाएगी. इसके बाद जांच पूरी होने पर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाएगी.
रैगिंग की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. चर्चा थी कि व्यवस्था में सुधार करने के बजाय घटना की रात छात्रावास में ड्यूटी पर तैनात दोनों सुरक्षा गार्डों को हटाने की तैयारी की जा रही थी. बैठक में होमगार्ड डीएसपी हरिहर सिंह मुंडा ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि दोनों गार्ड ड्यूटी पर मौजूद थे और उन्होंने घटना की सूचना भी दी थी. ऐसे में उन्हें हटाने का औचित्य क्या है? इस सवाल के बाद सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई. (नीचे भी पढ़ें)
रैगिंग विवाद के बीच शनिवार देर रात छात्रावास में एक बार फिर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई. बताया गया कि प्रतिबंध के बावजूद एक छात्रावास के विद्यार्थियों के दूसरे छात्रावास में आने-जाने की सूचना रात करीब 12:30 बजे कॉलेज के एक कर्मचारी ने दी. सूचना मिलने के बाद एमजीएम थाना प्रभारी कॉलेज पहुंचे. कुछ देर बाद पुलिस की पीसीआर वैन भी वहां पहुंची. पुलिस कर्मियों के लौटने के बाद सीनियर छात्रों ने सुरक्षा गार्ड को घेर लिया. हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति शांत हो गई. एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पिछले वर्षों के दौरान भी रैगिंग को लेकर विवाद और हंगामे की घटनाएं सामने आती रही हैं. पूर्व में कार्रवाई की आशंका के बीच छात्रों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने की घटना भी चर्चा में रही थी. उस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने समेत अन्य कार्रवाई की बात सामने आने के बाद स्थिति शांत हुई थी. अब एक बार फिर सीनियर छात्रों पर रैगिंग के आरोप, जांच में सामने आए कथित साक्ष्य और छात्रावास में लगातार हो रहे हंगामे ने कॉलेज प्रशासन के सामने सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी है. फिलहाल जांच के निष्कर्ष और दोषियों की पहचान पर सबकी नजरें टिकी हैं.




