जमशेदपुर : स्थिरता और चक्रीय अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, टाटा स्टील यूआइएसएल ने अपने जैविक मृदा सुधारक उत्पाद ‘प्रकृति स्नेह’ को जमशेदपुर के ग्राहकों के लिए बिग बास्केट पर उपलब्ध कराया है. शहर से एकत्र किए गए जैव-अवक्रमणीय कचरे से निर्मित ‘प्रकृति स्नेह’ यह दर्शाता है कि जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से रोजमर्रा के कचरे को एक उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है. यह पहल स्रोत पर गीले और सूखे कचरे को अलग करने के महत्व को रेखांकित करती है, जिससे जैव-अवक्रमणीय सामग्री को कंपोस्ट में परिवर्तित कर मिट्टी में वापस मिलाया जा सके. ‘प्रकृति स्नेह’ मिट्टी की संरचना और वायु संचार को बेहतर बनाने, नमी बनाए रखने तथा जड़ों के स्वस्थ विकास में सहायक है. दुर्गंधरहित और प्रयोगशाला-परीक्षित यह उत्पाद घरेलू उद्यानों, बालकनियों, गमलों और अन्य बागवानी उपयोगों के लिए उपयुक्त है. (नीचे भी पढ़ें)
यह नागरिकों को अपने आसपास हरियाली विकसित करने में मदद करता है. बिग बास्केट के माध्यम से इसकी उपलब्धता इस स्थानीय रूप से निर्मित संसाधन-पुनर्प्राप्ति उत्पाद तक सुविधाजनक ऑनलाइन पहुंच प्रदान करती है और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन को रोजमर्रा की बागवानी से जोड़ती है. यह पहल चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को भी रेखांकित करती है, जिसमें कचरे को केवल फेंकने के बजाय पुनर्प्राप्त, पुन: उपयोग और मूल्यवान संसाधन में परिवर्तित किया जाता है. टाटा स्टील यूआइएसएल नागरिकों से स्रोत पर ही कचरे को अलग करने और उसे निर्धारित संग्रहण प्रणालियों के माध्यम से सौंपने का आग्रह करता है. कचरे की बेहतर पुनर्प्राप्ति और स्वच्छ, हरित जमशेदपुर के निर्माण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है. ‘प्रकृति स्नेह’ के माध्यम से टाटा स्टील यूआइएसएल का उद्देश्य चक्रीयता के प्रति जागरूकता को मजबूत करना और परिवारों को टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है.








