जमशेदपुर : प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी धर्मेंद्र कुमार की अदालत ने धोखाधड़ी की नीयत से रजिस्ट्री कराने के तीन अभियुक्तों भवानी हलदर, गणेश हलदर एवं रूबी झा को ग्यारह साल पुराने वाद में बरी कर दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
ज्ञात हो कि उक्त मामला उलीडीह थाना से संबंधित था. मामले में सूचक कार्तिक हलदर ने जनवरी 2015 में भवानी हलदर, गणेश हलदर एवं रूबी झा पर धोखाधड़ी की नीयत से रजिस्ट्री कराने के संबंध में ओलीडीह थाना में एक वाद दर्ज कराया था, जिसमें सिर्फ एक गवाह की गवाही दर्ज हो पाई. मामले की सुनवाई के अंतर्गत, उपस्थित गवाह, साक्ष्य परिक्षण उपरांत न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को बरी कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
भवानी हलदर के अनुसार यह एक झूठा मामला था. सच्चाई को झूठ में परिवर्तित करना बिल्कुल आसान नहीं है, इसलिए अन्य जो भी गवाह थे, कोई गवाही में उपस्थित नहीं हुआ. इस मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार एवं श्रीकांत चौरसिया ने बहस की.





