
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन का फाइनांस कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में एकाउंट को लेकर हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष पर भी सीधे तौर पर सवाल उठाये गये. बताया जाता है कि काफी अर्से बाद बुलायी गयी फाइनांस कमेटी की बैठक में एक साथ 13 माह का एकाउंट लाया गया. इसको लेकर सबसे पहले सिंटर प्लांट के कमेटी मेंबर संतोष पांडेय ने सवाल उठाया और बोला कि एक साथ 13 माह का एकाउंट क्यों लाया जा रहा है. इस तरह एकाउंट को लाया जाना गलत है और कोई विस्तृत तौर पर देख भी नहीं पायेगा और फिर मजबूरी के तौर पर एकाउंट को पारित कर देना होगा. ऐसे में इस तरह की व्यवस्था को लाया जाना गलत है. इस पर इस मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे फाइनांस कमेटी के अध्यक्ष यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने कहा कि कोरोना के कारण एकाउंट को नहीं लाया गया. इस पर फिर से संतोष पांडेय ने सवाल उठाये और कहा कि कोरोना काल तो अप्रैल से शुरु हुआ, लेकिन अभी जो एकाउंट लाया गया है, उसमें अक्तूबर 2019 से लेकर अक्तूबर 2020 तक का है जबकि अप्रैल से कोरोना काल शुरु हुआ. इस पर सफाई देते हुए अरविंद पांडेय ने कहा कि टाटा वर्कर्स यूनियन का सौ साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में व्यस्तता के कारण वे लोग नहीं ला सके. इसके बाद आनन-फानन में एकाउंट को मीटिंग के पटल पर रखा गया, जिस पर कमेटी मेंबर आमोद दुबे, आरएस चौहान, तारकेश्वर लाल, हरेकृष्ण दुबे और संतोष पांडेय ने मिलकर फिर से सत्ता पक्ष को घेरा कि आखिर 4 करोड़ 33 लाख रुपये कैसे खर्च कर दिये गये, इसका क्या हिसाब है. इस पर यूनियन की ओर से बताया गया कि कर्मचारियों को यूनियन के सौ साल पूरे होने पर दिये गये चांदी के सिक्के पर खर्च किये गये है. हालांकि, यह भी बताया गया कि यूनियन के सौ साल पूरे होने पर चांदी के सिक्के पर हुए खर्च का 50 फीसदी राशि यूनियन को मैनेजमेंट की ओर से देगी, जिस कारण अभी पैसा लौटने वाला है. कुल 12500 कर्मचारियों के बीच मैनेजमेंट और यूनियन के 50-50 फीसदी की राशि पर कुल 4 करोड़ 33 लाख रुपये खर्च हुए है. वैसे यूनियन ने अपने एकाउंट में 37 करोड़ 8 लाख रुपये जमा होने की जानकारी दी गयी. इस दौरान यूनियन की ओर से यह भी जानकारी दी गयी कि पुरी का गेस्ट हाउस अभी बुकिंग नहीं हो पा रहा है, लेकिन बहुत जल्द इसकी बुकिंग शुरू होगी और रिटायरमेंट कर्मचारियों के लिए आरक्षित दो रुम को ग्राउंड फ्लोर पर देने की भी जानकारी दी गयी. शुक्रवार को फाइनांस कमेटी की बैठक में एकाउंट को थोड़े विवाद के बाद पारित कर दिया गया. दूसरी ओर, टाटा वर्कर्स यूनियन के फाइनांस कमेटी की बैठक समाप्त होने के बाद अब सबको कमेटी मीटिंग का इंतजार किया जा रहा है. दरअसल, फाइनांस कमेटी की बैठक के बाद ही कमेटी मीटिंग होती है. वैसे अभी इसके तिथियों का ऐलान नहीं हुआ है. कोरोना काल के कारण कमेटी मीटिंग नहीं हो पायी है. इस कारण इसका सारे लोगों को इंतजार है, जिसमें कई मुद्दे उठेंगे और हंगामेदार इसलिए भी हो सकते है क्योंकि महामंत्री सतीश सिंह और पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी टुन्नु एक साथ मिलकर अपना समूह बना चुके है, जिसको देखते हुए यह मीटिंग काफी हंगामेदार होने की संभावना जतायी जा रही है.





