
जमशेदपुर : टाटा क्रूसिबल कारपोरेट क्विज के 17वे साल की राष्ट्रीय अंतिम प्रतियोगिता संपन्न हुई. इस साल पहली बार टाटा क्रूसिबल कारपोरेट क्विज़ को ऑनलाइन आयोजित किया गया था. हैदराबाद के साई मित्र कन्स्ट्रक्शन्स के नवीन कुमार इस प्रतियोगिता के राष्ट्रीय विजेता बने है. उन्हें ढाई लाख रुपयों और प्रतिष्ठित टाटा क्रूसिबल ट्रॉफी के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. नए ऑनलाइन संस्करण में इस क्विज़ के लिए देश को 12 क्लस्टर्स में विभाजित किया गया था. इन 12 क्लस्टर्स में से हर क्लस्टर के विजेता को दो सेमी-फाइनल में हिस्सा लेने का मौका दिया गया. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस चेन्नई के जयकांतन रंगनाथन, साई मित्र कन्स्ट्रक्शन्स हैदराबाद के नवीन कुमार और बैंक ऑफ़ न्यू यॉर्क मेलोन पुणे के कपिन्जल चौधरी पहले सेमी-फाइनल से राष्ट्रीय अंतिम प्रतियोगिता में पहुंचे. दूसरे सेमी-फाइनल से कैपजेमिनी कोलकाता से रविशंकर साहा, नोएडा बार्कलेज के रोहन खन्ना और टीसीएस मुंबई से अनिरुद्ध दत्ता ने राष्ट्रीय अंतिम प्रतियोगिता में जगह बनायी. इस अवसर पर टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केआरएस जामवाल प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि क्विज़ बहुत ही रोचक रहा और नवीन कुमार यक़ीनन बहुत होशियार और प्रतिभाशाली है. उनके लिए यह क्विज़ बहुत ही खास है क्योंकि उनका मानना है कि मस्तिष्क यह मनुष्य का सबसे दिलचस्प अंग है और शायद यही सबसे कम समझा गया अंग भी है. सबके मस्तिष्क की क्षमता काफी ज्यादा होती है लेकिन उनको लगता है कि वे उसमें से बहुत ही कम क्षमता का उपयोग कर पाए हैं. भविष्य में एक दिन दिमाग, बुद्धि का ओलिम्पिक्स होगा और उसमें इस तरह की क्विज़ेज स्प्रिन्ट्स की तरह होंगी, जिन्हें शायद सबसे ज्यादा पसंद किया जाएगा और उनका सबसे ज्यादा मज़ा भी आएगा. हम हमारे मस्तिष्क, बुद्धि की क्षमता को जितना ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जितना ज्यादा ज्ञान आत्मसात करते जाते हैं, कड़ी जुड़ती जाती है और हमें बेहतर मनुष्य बनाती है. हैदराबाद के साई मित्र कन्स्ट्रक्शन्स के नवीन कुमार ने क्विज़ में पूछे गए सबसे कठिन सवालों के सही जवाब देकर अपनी प्रतिभा और स्फूर्ति का प्रदर्शन किया. राष्ट्रीय विजेता बनने की ख़ुशी जताते हुए नवीन कुमार ने कहा कि 2011 से हर साल वे टाटा क्रूसिबल में हिस्सा ले रहे हैं. पहले विद्यार्थी दशा में कैंपस एडिशन में और उसके बाद कारपोरेट एडिशन में वे भाग ले चुके है. इस साल वैश्विक महामारी के कारण शायद यह प्रतियोगिता नहीं होगी ऐसा उनको लगा था, लेकिन क्विज़ के नए वर्चुअल अवतार को देखकर वे अचंभित हो गये. इतना ही नहीं, इस वर्ष यह प्रतियोगिता और भी ज्यादा रोचक रही क्योंकि पहली बार दो प्रतियोगियों की टीम के बजाय एक प्रतियोगी ने कंपनी का प्रतिनिधित्व किया. अन्य प्रतियोगियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद दूसरी बार कॉर्पोरेट एडिशन जीतना में जीतना सौभाग्य की बात है. नयी सामान्य स्थिति की चुनौतियों को मद्देनज़र रखते हुए टाटा क्रूसिबल ने पहली बार इस प्रतियोगिता को ऑनलाइन आयोजित किया. नए फॉर्मेट में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतियोगी पूरे उल्लास के साथ शामिल हुए. ‘पिकब्रेन’ गिरी बालसुब्रमण्यम ने कई अलग-अलग विषयों को रोचक सवाल पूछकर राष्ट्रीय अंतिम प्रतियोगिता में सहभागियों की तत्परता, प्रतिभा और सर्जनशीलता की कड़ी परीक्षा ली. इस वर्ष के टाटा क्रूसिबल कॉर्पोरेट क्विज के पुरस्कार टाटा क्लिक के सहयोग से दिए गए. क्विज की पूरी जानकारी www.tatacrucible.com पर उपलब्ध है.




