
आदित्यपुर : सरायकेला जिले के आदित्यपुर- 2 स्थित 111 सेव लाइफ अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर ओपी आनंद और अस्पताल प्रबंधन मामले में पल-पल बदलते घटनाक्रम से पूरा मामला संदेहास्पद होता जा रहा है. हर दिन इस प्रकरण में नया मोड़ आ रहा है. बीते शनिवार को कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लापरवाही के मामले की मौखिक जांच करने पहुंची जांच टीम के साथ अभद्रता और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के बाद से विवादों में घिरे डॉ आनंद हर दिन नए विवादों में घिरते जा रहे हैं. पहले स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी, उसके बाद वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने व फिर अपने अस्पताल के गेट पर जिले के उपायुक्त के नाम सूचना देकर अस्पताल में इलाजरत मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने और नए मरीजों की भर्ती लेने से रोक संबंधी निर्णय चस्पा करने के बाद अस्पताल की कुव्यवस्था के शिकार हुए मरीजों के परिजनों के एक के बाद एक सामने आने पर डॉ आनंद उनकी पत्नी सरिता आनंद और जूनियर डॉक्टर रक्षित आनंद की कार्यशैली सवालों में घिरती जा रही है. उधर जिले के एसपी के निर्देश के बाद डॉ आनंद के खिलाफ आरआईटी थाने में कांड संख्या 68/ 21 दर्ज किया गया है. थाने में उनके खिलाफ धारा 304, 323, 340, 341, 506 और 188 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.

वहीं जिले के उपायुक्त ने पूरे मामले की जांच को लेकर एडीसी के नेतृत्व में 8 सदस्यीय टीम गठित की है. जिन्हें 72 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. शुक्रवार को उसकी मियाद पूरी हो रही है. इधर जांच टीम ने अस्पताल की व्यवस्था के शिकार हुए मृत मरीजों के परिजनों को गम्हरिया सीएचसी बुलाकर घंटों पूछताछ की. वही गम्हरिया प्रखंड कार्यालय परिसर में शुक्रवार दोपहर से ही जिले के वरीय पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ पांच-छह थानों के प्रभारी दलबल के साथ जुटने लगे. जिसके बाद ये कयास लगाया जाने लगा कि अस्पताल के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है. बदलते मौसम और मीडिया के जमावड़े को देखते हुए देर शाम एडीसी वापस सरायकेला लौट गए. हालांकि मीडिया के सवालों का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. धीरे-धीरे सभी पदाधिकारी भी वापस लौट गए. वैसे इस पूरे प्रकरण में बीते एक सप्ताह से पल-पल बदलते घटनाक्रम के बीच अस्पताल के प्रबंधक डॉ ओपी आनंद विवादों में घिरते चले जा रहे हैं. साथ ही प्रशासनिक गतिविधियां भी शक के दायरे में घिरती जा रही हैं. वैसे अस्पताल सूत्रों की अगर मानें तो डॉ ओपी आनंद शहर छोड़ने की तैयारी में जुट गए हैं. बीते गुरुवार को भी वे जांच टीम के समक्ष पेश नहीं हुए थे. अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनके वकील से मुलाकात के लिए जाने की बात कही गई. कुल मिलाकर ये तय माना जा रहा है कि 111 सेव लाइफ अस्पताल को प्रशासन द्वारा सील किया जा सकता है, लेकिन डॉ आनंद की गिरफ्तारी पर संशय बना हुआ है.





