आदित्यपुर : ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह के साले कन्हैया सिंह की अपराधियों ने बुधवार देर रात बेरहमी से हत्या कर दी है. कन्हैया सिंह की हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. बताया जा रहा है कि कन्हैया सिंह की हत्या पहले से ही घात लगाए अपराधियों ने की है. अब तक हुए तफ्तीश में जो बातें सामने आ रही है उसके अनुसार बुधवार करीब 9:45 बजे कन्हैया सिंह हरिओम नगर रोड नंबर 5 स्थित अपने फ्लैट में पहुंचते हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

ड्राइवर गाड़ी पार्क करने चला जाता है. बॉडीगार्ड मृत्युंजय सिंह नीचे ही रह जाता है. जैसे ही कन्हैया सिंह ऊपर तीसरे माले पर स्थित अपने मकान में पहुंचते हैं कि गोलियों की आवाज सुनाई देती है. इस दौरान मृत्युंजय सिंह एवं चालक बबलू ने तीन युवकों को हथियार और चापड़ लेकर भागते देखा. बगल के फ्लैट में तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने भी तीन युवकों को भागते देखा मगर किसी को कुछ समझ में आता इससे पहले ही तीनों युवक आंखों से ओझल हो चुके थे. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस दौरान भी बॉडीगार्ड नीचे ही खड़ा रहता है. बतौर मृत्युंजय सिंह तीन युवकों को हाथ में हथियार और चापड़ लेकर उसने भागते हुए देखा है. मगर बगैर पूछताछ किए तीनों अपराधियों को वह जाने दे देता है. हैरान करने वाली बात तो यह है कि बॉडीगार्ड ऊपर जा कर यह देखना भी जरूरी नहीं समझता कि ऊपर क्या हुई है, जबकि थोड़ी देर पहले ही कन्हैया सिंह ऊपर गए हैं. इसी बीच सामने रहने वाले मोहन सिंह नामक व्यक्ति गोलियों की आवाज सुनकर पहुंचते हैं, इसी दौरान मृत्युंजय सिंह पूर्व विधायक अरविंद सिंह के बॉडीगार्ड पवन सिंह को फोन पर कन्हैया सिंह को गोली लगने की जानकारी देता है. (नीचे देखे पूरी खबर)
तबतक मोहन सिंह और कन्हैया सिंह के चालक बबलू वहां पहुंचते हैं मृत्युंजय सिंह बबलू और बबलू से कहता है कि ऊपर जा कर देखिए क्या हुआ है. जैसे ही मोहन सिंह ऊपर पहुंचते हैं, कन्हैया सिंह खून से लथपथ पड़े थे, और उनकी पत्नी एवं बच्चे चीख चीख कर रो रहे थे, जबकि बॉडीगार्ड के कानों तक आवाज नहीं पहुंची होगी ऐसा हो नहीं सकता है. मोहन सिंह कन्हैया सिंह को लेकर नीचे उतरते हैं. उसके बाद बॉडीगार्ड मोहन सिंह और कन्हैया सिंह के चालक उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचाते हैं. जहां चिकित्सकों ने कन्हैया सिंह को मृत घोषित कर दिया. उधर मामले की जानकारी मिलते ही सरायकेला-खरसावां एसपी आनंद प्रकाश, एसडीपीओ हरविंदर सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी है. वही तफ्तीश के क्रम में कुछ संदिग्ध प्रतीत होने पर बॉडीगार्ड मृत्युंजय सिंह का मोबाइल पुलिस ने जप्त कर लिया है. पूछताछ के क्रम में यह बातें भी सामने आई है कि कन्हैया सिंह का पुराना चालक 2 दिनों से उनके घर आना-जाना कर रहा था. उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि हत्यारे फ्लैट के ऊपर पहले से ही घात लगाए बैठे थे. घटना को अंजाम देने के बाद बड़ी आसानी से तीनों निकल गए. फ्लैट में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए थे. इस बात की जानकारी अपराधियों को भी थी.





