जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित अरका जैन यूनिवर्सिटी पूरे झारखंड और बिहार के लिए गर्व का विषय बन गया है. विश्वविद्यालय की स्थापना का मूल उद्देश्य 15 वर्ष पूर्व यह था कि झारखंड और बिहार के छात्र गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाएं और अपने ही राज्य में रहकर शिक्षा प्राप्त करें. इसी लक्ष्य के साथ वर्ष 2011 में जैन कॉलेज की शुरुआत हुई, जो आगे चलकर वर्ष 2017 में राज्य की प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालय अरका जैन यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापित हुआ. आज विश्वविद्यालय ने न केवल स्थानीय छात्रों का पलायन रोका है, बल्कि अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण, उन्नत शिक्षण पद्धतियों और बेहतरीन प्लेसमेंट रिकॉर्ड की बदौलत देश के कोने-कोने से छात्र यहां दाखिला ले रहे हैं. वर्तमान में 7000 से अधिक विद्यार्थी विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी छात्र अब अरका जैन यूनिवर्सिटी को चुन रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
इस वर्ष विश्वविद्यालय ने तंजानिया, अफ्रीका, बांग्लादेश और नेपाल सहित कई देशों से आए छात्रों का स्वागत किया है. वहीं भारत के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मणिपुर, त्रिपुरा, शिलांग और गुवाहाटी से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां दाखिला ले रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के आगमन पर विश्वविद्यालय की संपूर्ण टीम और प्रबंधन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. प्रबंधन ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि अरका जैन यूनिवर्सिटी उनके लिए सिर्फ एक संस्थान ही नहीं, बल्कि घर और परिवार जैसा माहौल प्रदान करेगा. साथ ही, विश्वविद्यालय ने बताया कि विदेशी छात्रों की सुविधा के लिए एंबेसी और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सभी औपचारिकताएँ और पंजीकरण प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो. आज अरका जैन यूनिवर्सिटी अपनी उपलब्धियों और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की उपस्थिति से वास्तव में वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है.











