ढ़ाका: बांग्लादेश में सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी ) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर देश के 23वें राष्ट्रपति चुने गए हैं. उन्हें संसद में 255 वोट मिले, जबकि विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को 88 वोट मिले. राष्ट्रपति चुनाव के लिए गुरुवार को संसद भवन में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ. मतदान खत्म होते ही वोटों की गिनती शुरू की गई और इसके बाद नतीजे घोषित कर दिए गए. इस चुनाव में कुल 349 सांसदों ने मतदान किया. बांग्लादेश में राष्ट्रपति को जनता सीधे नहीं चुनती, बल्कि संसद के सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. संसद में बीएनपी के पास दो-तिहाई बहुमत होने के कारण आलमगीर की जीत पहले से ही लगभग तय मानी जा रही थी. उनके सामने जमात-ए-इस्लामी की अगुआई वाले 11 दलों के गठबंधन के समर्थन वाले एलडीपी उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद थे.(नीचे भी पढ़े)

मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर राष्ट्रपति चुने जाने के बाद 21 अगस्त की शाम को बंगभवन में राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे.पार्टी के मुख्य सचेतक नुरुल इस्लाम मोनी ने इसकी पुष्टि की है. बांग्लादेश में अब तक 12 राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं. इनमें 8 बार राष्ट्रपति निर्विरोध चुने गए. संविधान लागू होने के बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव 1974 में हुआ, जिसमें सांसदों ने वोट देकर मोहम्मद मोहम्मदुल्लाह को चुना.बांग्लादेश में इतने साल बाद राष्ट्रपति चुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि 1991 के बाद से अब तक विपक्ष अपना उम्मीदवार नहीं उतार रही थी.दरअसल, बांग्लादेश में राष्ट्रपति का चुनाव जनता सीधे नहीं करती. सांसद वोट देकर राष्ट्रपति चुनते हैं. इसलिए अगर संसद में सत्ता पक्ष के पास स्पष्ट बहुमत हो, तो विपक्षी उम्मीदवार की जीत की संभावना लगभग नहीं रहती.




