
देवघर से ऋतुराज-देवघर : झारखंड के देवघर एम्स ओपीडी भवन का उद्घाटन टल जाने पर स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य की हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है. दरअसल ओपीडी भवन का 26 जून को उद्घाटन होना निर्धारित था. वर्चुअल उद्घाटन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा किया जाना था. लेकिन स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे को उद्घाटन स्थल पर सशरीर उपस्थित रहने की अनुमति नहीं मिलने के कारण अंतिम समय में यह कार्यक्रम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्थगित कर दिया गया. इस पूरे प्रकरण के लिए राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को दोषी ठहराते हुए सांसद ने कहा कि आज ही के दिन 1975 में देश में आपातकाल की घोषणा हुई थी. इतने वर्षों बाद झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि के उपस्थित होने पर रोक लगाकर आपातकाल की याद ताजा कर दी है. (नीचे देखे क्या कह रहे निशिकांत दुबे, क्या होनी थी सुविधाएं)
सांसद ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहले ही यहां मनमाने तरीके से ओपीडी सेवा का उद्घाटन कर दिया गया है, अब सिर्फ भवन का उद्घाटन बाकि है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अब खुद यहां आकर उद्घाटन करेंगे. उधर एम्स के ओपीडी भवन का उद्घाटन टालने पर कांग्रेस पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दे डाली है. पार्टी के देवघर जिला अध्यक्ष मुन्नम संजय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए स्थानीय लोगों की उम्मीदों के खिलाफ बताया. कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा है कि स्थानीय सांसद ने अपने अहंकार के लिए लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है. उन्होंने कहा कि 26 जून को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एम्स के ओपीडी भवन का उद्घाटन अगर नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी एम्स भवन के सामने धरना पर बैठेगी और सड़क पर उतर कर इसका विरोध करेगी. (नीचे देखे क्या कह रही कांग्रेस, क्या एम्स में होगी सुविधाएं)
झारखंड एम्स का निर्माण देवघर के देवीपुर में, जाने क्या-क्या है :
देवघर एम्स को झारखंड ही नहीं इस्टर्न इंडिया का आधुनिकतम सुविधा सम्पन्न सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की तैयारी की जा रही है. 246 एकड़ क्षेत्र में बन रहे देवघर एम्स का निर्माण काफी तेजी से चल रहा है. एम्स प्रबंधक कुछ ही दिनों में यहाँ ओपीडी सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है. झारखंड में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की जरूरत को देखते हुए देवघर में एम्स निर्माण की स्वीकृति दी गई. 2018 में खुद प्रधानमंत्री द्वारा इसका शिलान्यास किया गया था. जल्द ही अब यह सपना पूरा होने जा रहा है. अच्छी बात है कि कोरोना काल की बंदिशों के बाबजूद यहां काम तेजी से चल रहा है. कुछ ही दिनों में यहां ओपीडी सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. फर्स्ट फेज में शासकीय भवन, 760 बेड का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, इमरजेंसी वार्ड और 76 आईसीयू बेड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है. एमबीबीएस के साथ यहां नर्सिंग की भी पढ़ाई होगी. खास बात है कि इस क्षेत्र की कुछ खास बीमारियों पर शोध के लिए भी यहां एक स्वतंत्र प्रभाग प्रस्तावित है. एमबीबीएस की पढ़ाई यहां जारी है. नर्सिंग की पढ़ाई यहां होगी. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी की देखरेख में आधुनिकतम सुविधाओं से लैस इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण सभी उच्च मापदंडों को ध्यान में रख कर कराया जा रहा है. अस्पताल बिल्डिंग, एकेडमिक बिल्डिंग के अलावा 22 तल्ले का ऑफिसर्स क्वार्टर और 16 तल्ले का छात्रों का हॉस्टल बनाया जा रहा है. 22 तल्ले का यह भवन झारखंड का सबसे ऊंचा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग होगा. देवघर एम्स के निर्माण से झारखंड ही नहीं बिहार, पश्चिम बंगाल, ओोड़िशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को यहां एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सुविधा मिल सकेगी. इलाज़ के साथ मेडिकल, पारा मेडिकल की पढ़ाई और इस क्षेत्र की कुछ खास बीमारियों के शोध के लिए यह संस्थान एक वरदान साबित हो सकता है.





